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Apna Uttarakhand

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ऐसे अनपढ़ चाहिये पहाड़ को

ऐसे अनपढ़ चाहिये पहाड़ को

By प्रबंधक on September 6, 2011

एक थीं गौरा देवी: एक माँ के बहाने चिपको आन्दोलन की याद – 4 [पिछ्ले भागों में आपने पढ़ा कि किस प्रकार शेखर पाठक जी अपने साथियों के साथ गौरा देवी से मिले , कैसे हुई चिपको की शुरुआत और क्या हुआ चिपको आंदोलन के बाद ,आज जानते है कि कैसे चिपको आंदोलन को कुछ [...]

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चिपको के बहाने कुछ और बातें…

चिपको के बहाने कुछ और बातें…

By प्रबंधक on September 5, 2011

[पिछ्ले भागों में आपने पढ़ा कि किस प्रकार शेखर पाठक जी अपने साथियों के साथ गौरा देवी से मिले और कैसे हुई चिपको की शुरुआत। आज जानिये चिपको आंदोलन के बाद के परिदृश्य के बारे में। ] रैणी 1984 में पौने पाँच बजे हमारी सभा शुरू हुई। 1974 के रैंणी आन्दोलन में शामिल हरकी देवी, [...]

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रैणी: 26 मार्च 1974: चिपको आंदोलन की सच्ची कहानी

रैणी: 26 मार्च 1974: चिपको आंदोलन की सच्ची कहानी

By प्रबंधक on September 1, 2011

[पिछ्ले भाग में आपने पढ़ा कि किस प्रकार शेखर पाठक जी अपने साथियों के साथ गौरा देवी से मिले। आज के भाग में जानिये कि क्या हुआ रैनी में 26 मार्च 1974 को और कैसे हुई चिपको के आंदोलन की शुरुआत। ] रैणी: 26 मार्च 1974 1970 की बाढ़ ने समस्त अलकनन्दा/गंगा घाटी को भयभीत [...]

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एक थीं गौरा देवी: एक माँ के बहाने चिपको आन्दोलन की याद

एक थीं गौरा देवी: एक माँ के बहाने चिपको आन्दोलन की याद

By प्रबंधक on August 31, 2011

प्रस्तुति : शेखर पाठक [डा. शेखर पाठक जी को हमारे पाठक उनके अस्कोट-आराकोट अभियान और उनके साक्षात्कार के माध्यम से जानते है। वह पहाड़ संस्था के संस्थापक सद्स्यों में से एक हैं। हाल ही में उनका चिपको आंदोलन की प्रणेता गौरा देवी पर लिखा लेख रविवारी जनसत्ता में छ्पा था। उसी लेख (असंपादित) को हम [...]

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मेरे को पहाड़ी मत बोलो मैं देहरादूण वाला हूं

मेरे को पहाड़ी मत बोलो मैं देहरादूण वाला हूं

By प्रबंधक on June 25, 2011

नरेंद्र सिंह नेगी जी की नयी कैसेट “अब कथगा खैल्यु” बेहद पसंद की जा रही है. आडियो सीडी आने के बाद अब लोग इसकी वीडियो के रिलीज का इंतज़ार कर रहे हैं. “अब कथगा खैल्यु” (हिन्दी – अब कितना खाओगे?) के माध्यम से नेगी जी ने राजनीति में फैले भ्रष्टाचार पर आघात किया है। यहाँ [...]

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भिनज्यू को बेटे में बदलने की साजिश

भिनज्यू को बेटे में बदलने की साजिश

By उमेश तिवारी 'विश्वास' on February 16, 2011

[हमारे साथ नये जुड़े श्री उमेश तिवारी 'विश्वास की दाज्यू कथा का पहला भाग व दूसरा भाग आपने पढ़ा। उनकी एक और रचना भिंज्यू-कथा का पहला भाग भी आप पढ़ चुके हैं आज प्रस्तुत है उसी भिंज्यू कथा का दूसरा भाग - प्रबंधक ] ऐसा नहीं है कि भिनज्यू की भूमिका हल्की-फुल्की ही हो, ससुराल [...]

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भिनज्यू : हरफनमौला.. हरफन अधूरा

भिनज्यू : हरफनमौला.. हरफन अधूरा

By उमेश तिवारी 'विश्वास' on February 15, 2011

[हमारे साथ नये जुड़े श्री उमेश तिवारी 'विश्वास की दाज्यू कथा का पहला भाग व दूसरा भाग आपने पढ़ा। आज प्रस्तुत है उनकी एक और रचना भिंज्यू-कथा का पहला भाग - प्रबंधक ] भिनज्यू एक आम पहाड़ी परिवार में एक विशिष्ट छवि लिए रहते हैं। उनकी यह छवि बरसों बरस से चले आ रहे पारस्परिक [...]

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माठु माठु हिट जरा हौले हौले चल तू

माठु माठु हिट जरा हौले हौले चल तू

By प्रबंधक on February 14, 2011

गोपाल बाबू गोस्वामी जी ने तरह तरह के गाने गाये हैं। जिनमे विरह गीत, प्रेम-गीत, भजन, प्रकृति गीत आदि आप पहले सुन चुके हैं। आज हम आपके सामने एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं जो हास्य का पुट लिये हुए है। इस गीत में एक साठ साल के वृद्ध मगर दिल के जवान व्यक्ति की [...]

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त्यारा रूप कि झौल मां, नौंणी सी ज्यू म्यारु

त्यारा रूप कि झौल मां, नौंणी सी ज्यू म्यारु

By प्रबंधक on February 12, 2011

नरेन्द्र सिंह नेगी जी एक गायक व संगीतकार होने के साथ-साथ एक बहुत अच्छे कवि भी हैं। यह उनके द्वारा लिखे गये गीतों में स्पष्ट दिखता भी है। आज हम उनका एक ऐसा ही गीत प्रस्तुत कर रहे हैं जिसके बोल किसी भी सुनने वाले को भाव-विभोर कर देंगे। “त्यारा रूप कि झौल मां, नौंणी [...]

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फसलें और त्यौहार

फसलें और त्यौहार

By श्री देवेन्द्र मेवाड़ी जी on February 11, 2011

[देवेन्द्र मेवाड़ी जी द्वारा सुनाये गये कई किस्से आप पढ़ चुके हैं हाल ही में उन्होंने गोरु बाछों के बारे में हमार गोरू-बाछ और चिंगोरे हुए हाथ.. , ब्वाँश, बाघ, मूना और “पैजाम उतार पैजाम”…. , बेचारा गुजारा … , गाय-भैंस का ब्याना और बिगौत का खाना.. जैसे किस्से सुनाये। फसलों और त्यौहारों की कहानी [...]

Posted in लेख | Tagged agriculture, crops, festivals, onam, pongal | 1 Response

त्योहार तुम्हारे, ज्योनार हमारे

त्योहार तुम्हारे, ज्योनार हमारे

By श्री देवेन्द्र मेवाड़ी जी on February 10, 2011

[देवेन्द्र मेवाड़ी जी द्वारा सुनाये गये श्यूँ बाघ के किस्से श्यूँ बाघ, देबुआ और प्यारा सेतुआ…., ओ पार के टिकराम और ए पार की पारभती, चिलम की चिसकाटी व बकरी चोर, श्यूं बाघ व नेपाली ‘जंग बहादुर’ , अब कहां रहे वैसे श्यूं-बाघ आप पढ़ चुके हैं। आज वह लेकर आयें है फसलों और त्यौहारों [...]

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‘धाकड़’ दाज्यू आप चिरंजीवी हो…..

‘धाकड़’ दाज्यू आप चिरंजीवी हो…..

By उमेश तिवारी 'विश्वास' on February 8, 2011

[हमारे साथ नये जुड़े श्री उमेश तिवारी 'विश्वास की दाज्यू कथा का पहला भाग आपने पढ़ा। अब प्रस्तुत है दूसरा भाग। - प्रबंधक ] आपको लग रहा होगा कि हर छोटा भाई कभी न कभी दाज्यू बनता ही होगा। पर ये ‘सास भी कभी बहू थी’ वाला फार्मूला यहां फिट नहीं बैठता। हर एक भइयू, [...]

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अथ दाज्यू गाथा : प्रेम में पागल दाज्यू

अथ दाज्यू गाथा : प्रेम में पागल दाज्यू

By उमेश तिवारी 'विश्वास' on February 7, 2011

[आज से हमारे साथ जुड़ रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार श्री उमेश तिवारी 'विश्वास'। आइए उनकी रचना 'अथ दाज्यू कथा' का आनन्द लें। आशा है आपको पसंद आयेगी।- प्रबंधक] दाज्यू बोले तो, भाई जी या बड़ा भाई। बचपन में मुंशी प्रेमचन्द्र की कहानी बड़े भाई साहब पढ़ी थी। उनके दाज्यू को बाद में कई हिन्दी फिल्मों [...]

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पद्म पुरस्कार

  • Padmashri Laxman Singh Jangpangi
  • श्री लक्ष्मण सिंह जंगपाँगी, पद्म श्री
  • Dr. Shekhar Pathak
  • Padma Awards from Uttarakhand
  • खड्ग सिंह वल्दिया
  • यशोधर मठपाल

पर्वतारोहण

  • रतन सिंह
  • अनूप साह
  • हरीश चन्द्र सिंह रावत
  • बचेन्द्री पाल
  • सुरेन्द्र सिंह पांगती
  • लवराज सिंह धर्मशक्तू

पहाड़

  • PAHAR-People’s Association for Himalaya Area Research.
  • कितना बदला है पहाड़ों का हाल?
  • Askot-Arakot-Abhiyan-2004:Experience
  • Askot-Aarakot-Abhiyan-2004
  • प्रोफेसर शेखर पाठक से साक्षात्कार
  • अस्कोट-आराकोट गीत

प्रतिभायें

  • Mohan P. Kala-A Business Personality from Uttarakhand
  • Uktat:Satirical Poems of Harish Juyal
  • माधो सिंह भंडारी "मलेथा"
  • Madho Singh Bhandari “Maletha”
  • Gopal Babu Goswami
  • गोपाल बाबू गोस्वामी

फिल्म-जगत

  • हिमानी शिवपुरी
  • मोहन चन्द्र भंडारी
  • वरुण बडोला
  • हेमन्त पाण्डे
  • सुधीर पाण्डे
  • राकेश पाण्डे

रंगमंच

  • हरिदत्त भट्ट ‘शैलेश’
  • एहसान बख़्श (Ahsan Bakhsh)
  • निर्मल पाण्डे
  • बंशीधर पाठक ‘जिज्ञासु’
  • तिग्मांशु धूलिया
  • राजेन्द्र धस्माना

लेख

  • गाय-भैंस का ब्याना और बिगौत का खाना..
  • बेचारा गुजारा …
  • ब्वाँश, बाघ, मूना और “पैजाम उतार पैजाम”….
  • हमार गोरू-बाछ और चिंगोरे हुए हाथ..
  • श्यूँ बाघ, देबुआ और प्यारा सेतुआ….
  • ओ पार के टिकराम और ए पार की पारभती

संस्कृति

  • हो…..जय मैया, जय मैया, जै जै मैया
  • हे दिल्ली वाळा द्यूरा-हे दिल्ली वाळा
  • गौळा मां बडुळि, मेरि पैत्वाल्युं पराज
  • पी जाओ म्यॉर पहाड़ को ठंडो पानी
  • तेरि पिड़ा मां दुई आंसु मेरा भि
  • बोला भै-बन्धु तुमथें कनु उत्तराखण्ड चयेणुं च

संगीत

  • उमा दत्त शर्मा (उमाशंकर ‘सतीश’)
  • हीरा सिंह राणा
  • पवनदीप राजन
  • शशि भूषण मैठाणी ‘पारस’
  • शुभा मुदगल
  • शेर सिंह पांगती

विज्ञान

  • कलैंडर का विज्ञान
  • उनके भी हैं अंदाजे़ बयां और…
  • अनजान से बना महान
  • तो, बस जाएंगे जाकर कहीं और…
  • जब चली बात फूलों की
  • लाइकेन
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Narendra Singh Negi’s Songs

नयु-नयु ब्यो च मिठि-मिठि छुईं लगौंलानयु-नयु ब्यो च मिठि-मिठि छुईं लगौंला
जी रे जागि रे, जुगराज रे तू- जी रेजी रे जागि रे, जुगराज रे तू- जी रे
धरती हमरा गढ़वाल की
गरा रा रा ऐगे रे बरखा झुकि ऐगेगरा रा रा ऐगे रे बरखा झुकि ऐगे
नया जमाना का छोरों कन उठि बौल – तिबरी डाण्डैल्युं मां रॉक ऐंड रॉलनया जमाना का छोरों कन उठि बौल – तिबरी डाण्डैल्युं मां रॉक ऐंड रॉल
माछी पाणी सी ज्यू तेरु मेरु
तेरो मछोई गाड़ बागीगे ले खाले अब तो माछा
त्यारा रूप कि झौल मां, नौंणी सी ज्यू म्यारुत्यारा रूप कि झौल मां, नौंणी सी ज्यू म्यारु
मथि पहाड़ु बटि, निस गंगाड़ु बटि..उत्तराखण्ड आन्दोलन मां
ज्यू त यन बौनूं च आज नाच नाचि कीज्यू त यन बौनूं च आज नाच नाचि की

Gopal Babu Goswami’s Songs

छैला ओ मेरी छ्बीली..ओ मेरी हेमामालिनी
काली गंगा को कालो पाणी
देवी बाराही मेरी सेवा लीया पर दैणे होया
छाना बिलौरी कै भलो लांगुं, छाना बिलौरी का ज्वानाछाना बिलौरी कै भलो लांगुं, छाना बिलौरी का ज्वाना
पतई कमर तिरछी नजर..हाय हाय रे मिजाता..
पी जाओ म्यॉर पहाड़ को ठंडो पानी
घर घरुं आज है ग्ये चहा चूसा-चूस
हाई तेरी रुमाला
धन मेरो पहाड़ा मैं तेरी बलाई ल्यूंल
ओ आज अंगना आयो री तेरो साजना

Copyright © 2012 Apna Uttarakhand.

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