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मेरे को पहाड़ी मत बोलो मैं देहरादूण वाला हूं

मेरे को पहाड़ी मत बोलो मैं देहरादूण वाला हूं

ab-kathga-khailyu-cd-cover-by-n-s-negiनरेंद्र सिंह नेगी जी की नयी कैसेट “अब कथगा खैल्यो” बेहद पसंद की जा रही है। ऑडियो सीडी आने के बाद अब लोग इसकी वीडियो के रिलीज का इंतज़ार कर रहे हैं। “अब कथगा खैल्यो” (हिन्दी – अब कितना खाओगे?) के माध्यम से नेगी जी ने राजनीति में फैले भ्रष्टाचार पर आघात किया है। यहाँ जो गाना पेश किया जा रहा है वह पहाड़ से बाहर रह रहे दो उत्तराखंडियों की बातचीत पर आधारित है।

एक ऐसा व्यक्ति जिसका परिवार पिछली पीढ़ी में मैदान में आ चुका है अब पहाड़ के प्रति लगाव नहीं रखता अपितु अपनी पहाड़ी पहचान को छुपाने का प्रयास करता है, लेकिन उसके उच्चारण और शारीरिक बनावट से स्पष्ट हो जाता है कि वो पहाड़ी है। पहचान पूछने वाला व्यक्ति देहरादून के विभिन्न इलाकों का नाम लेकर निश्चित कर लेना चाहता है कि वो वास्तव में देहरादून का रहने वाला है या झूठ बोल रहा है।

यह गाना एक तरह से उन लोगों पर व्यंग्य भी है जो बाहर जाकर अपने को पहाड़ी कहलाने में शर्म महसूस करते हैं अपनी मातृ-भाषा में बात करने में अपने आप को छोटा महसूस करते हैं।इस गाने में नरेंद्र नेगी जी के साथ उनके सुपुत्र कविलास नेगी ने भी आवाज दी है।

भावार्थ – पहला व्यक्ति – तुम अपने जैसे ही लग रहे हो, अच्छे परिवार के लगते हो।। कहाँ से आये हो भाई, किस जिले के हो? दूसरा व्यक्ति – ना! ना! मैं ना गढवाली हूँ, ना ही कुमाऊनी।।। मुझको पहाड़ी समझने की भूल मत करना मैं तो देहरादून का रहने वाला हूँ।।

पहला व्यक्ति देहरादून के विभिन्न इलाकों या मोहल्लों के नाम लेकर पूछ्ता है कि वह इनमें से किस जगह का है।

दूसरा व्यक्ति – मैं तो कभी पहाड़ गया भी नहीं हूँ हमेशा देश (मैदानी इलाके) में रहा, कोदा-झंगोरा जैसे पहाड़ी अनाज मैंने कभी नहीं खाए। ना मैंने गाय-भैंस चराए ना झरनों का पानी पिया।। भई मैं तो कोठी-बंगले में रहता हूँ।। (हो सकता है कि) मेरे दादा परदादा रहे होंगे पहाड़ में किसी जमाने में। मैं तो देश में ही पैदा हुआ, मुझे पहाडी चीज भाती नहीं है। मैं पहाड़ी बोली भी बींगता-बच्याता (समझना-बोलना ) नहीं हूं।

देखो मेरे कपड़े साहबों जैसे हैं भाषा कान्वेन्ट वाली है। बताओ भला तुम्हे किस एंगल से मैं गढवाली लग रहा हूं?

भाई मैं शहरी हूं गंवार मत समझो, तुम तो जींस को सलवार बताने पर तुले हो, क्या तुम देख नही रहे हो मेरे पास मोटरसाइकिल भी है।। मेरा रंग गोरा चिट्टा कद लम्बा-ऊंचा है। मेरे दोस्त कहते हैं कि मैं हीरो जैसा लगता हूं। तुम यूं ही पहाड़ी भुला कहके मेरी बेइज्जती क्यूं कर रहे हो, देखो मैं बहुत इज्जत वाला हूं।। तुम मुझे पहाड़ी मत समझो मैं देहरादून वाला हूँ।..

गाने के बोल देवनागिरी में

अपणुं सी दिखेंणु छे रे, लगणुं भल सि मौ को छे – अपणुं सी दिखेंणु छे रे, लगणुं भल सि मौ को छे
कां बे ऐ रे पहाड़ी भुला, के जिला के गौं को छे?  के जिला के गौं को छे?

गढवालि कुमौं नि हूं, ना भुला, ना भोला-भाला हूं  – गढवालि कुमौं नि हूं, ना भुला, ना भोला-भाला हूं
मेरे को पहाड़ी मत बोलो मैं देहरादूण वाला हूं – देहरादून वाला हूं

चुक्खुवालो छे के, धाम्वालो छे के, लच्छीवाला, जोगी वाला, हर्रावाला छे?
कखन  ऐ रे पहाड़ी भुला, के जिला के गौं को छे?  के जिला के गौं को छे?

पहाड़ मैं गया बि नै हूं, देस में ही रहा सदानि – पहाड़ में गया बि नै हूं, देस में ही रहा सदानि
कोदा झंगोरा चाक्खा भि ने कबि, पिया नें छुयों का पानि
ना गोर चराये मैंने, ना हौल लगाया, मैं तो कोठी बंगले वाला हूं
पहाड़ी -पहाड़ी मत बोलो जी देहरादूण वाला हूं – देहरादून वाला हूं

मिय्यांवालो छे के, मोथरोवालो छे के, मेहूंवालो, मूह्ब्बेवाले, मक्कावालो छे?
कां बे ऐ रे पहाड़ी भुला, के जिला के गौं को छे?  के जिला के गौं को छे?

दादा परदादा रये होंगे पहाड़ में कभि के जमाना – दादा परदादा रये होंगे पहाड़ में कभि के जमाना
देस में ही पैदा हुए हम, सच्च मा ना जाना माना
न पहाडी चीज भाती मुझको, न पहाड़ी बोली आती है ना, बींगता-बच्याता हूं
मेरे को पहाड़ी मत बोलो जी देहरादूण वाला हूं – देहरादून वाला हूं

सुद्दवालो छे के, जस्सोवालो छे के, पित्थूवालो, नत्थूवालो, तुन्नवालो छे?
कां बे ऐ रे पहाड़ी भुला, के जिला के गौं को छे?  के जिला के गौं को छे?

कपड़े मेरे साहबों जैसे, भाषा कान्वेन्ट वाली – कपड़े मेरे साहबों जैसे, भाषा कान्वेन्ट वाली
बथाओ अब किस एंगल से लग रहा हूं मैं गढवाली
शहरी हूं गंवार न समझो, जिन्स को सुलार न समझो, मोटरसेकिल वाला हूं
पहाड़ी पहाड़ी मत बोलो जी देहरादून वाला हूं – देहरादून वाला हूं

ब्राह्मणवालो छे के, बंजारावालो छे के, बालावाला, भाऊवाला, भनियावालो छे?
कखन ऐ रे पहाड़ी भुला, के जिला के गौं को छे?  के जिला के गौं को छे?

रंग भी गोरा चिट्टा मेरा, कद भी लम्बा-ऊंचा है – रंग भी गोरा चिट्टा मेरा, कद भी लम्बा-ऊंचा है
हीरो जैसा लगता हूं, मैने दगड़ियों से पूछा है
पहाड़ी भुला कहके मेरी बेज्जती क्यूं करते हो, मैं भौत इज्जत वाला हूं
मेरे को पहाड़ी मत बोलो जी देहरादूण वाला हूं – देहरादूण वाला हूं

सुन्दरवालो छे के, बनियावालो छे के, आमवाला, जामुनवाला, डालनवालो छे?
कां बे  ऐ रे पहाड़ी भुला, के जिला के गौं को छे?  के जिला के गौं को छे?
कखन  ऐ रे पहाड़ी भुला, के जिला के गौं को छे?  के जिला के गौं को छे?

मेरे को पहाड़ी मत बोलो जी देहरादूण वाला हूं – देहरादूण वाला हूं
पहाड़ी  – पहाड़ी मत बोलो जी देहरादूण वाला हूं – देहरादून वाला हूं

गीत :

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इस गीत का चुनाव व हिन्दी अर्थ हमारे सदस्य और लेखक हेम पंत का है।

अपना उत्तराखंड में उत्तराखंड से संबंधित गीत केवल उत्तराखंड के संगीत को बढ़ावा देने के लिये हैं। यदि आपको यह पसंद आयें तो निवेदन है कि बाजार से इन्हे सीडी या कैसेट के रूप में खरीद कर उत्तराखंडी संगीत को बढ़ावा दें। हम यथा-संभव सीडी या कैसेट की जानकारी देने का प्रयास करते हैं। यदि आपको इससे संबंधित जानकारी हो तो क़ृपया टिप्पणी में बतायें।

Lyrics of the song “Mere ko pahadi mat bolo main Dehradoon wala hoon“

Apnu see dikhenu chhe re, laganu bhal si mau ko chhe – Apnu see dikhenu chhe re, laganu bhal si mau ko chhe
Kaa be ai re pahaadi bhula, ke jila ke gaun ko chhe – ke jila ke gaun ko chhe?

Garhwali-kumaun ni hoon, nab hula, naa bhola bhaala hoon – Garhwali-kumaun ni hoon, nab hula, naa bhola bhaala hoon
Mere ko pahadi mat bolo main Dehradoon wala hoon – Dehradoon wala hoon

Chukkuwalo chhe ke, Dhamwalo chhe ke, Lachchhiwala, Jogiwala, Harrawala chhe?
Kakhan ai re pahaadi bhula, ke jila ke gaun ko chhe – ke jila ke gaun ko chhe?

Pahad main gaya bhi ne hoon, des me hi ra sadani
Koda Jhangora chakkha bhi ne kabi, piya ne chhuyo ka pani
Na gor charaye maine, na haul lagaya
Main to kothi bangle wala hoon
Pahadi pahadi mat bolo main Dehradoon wala hoon – Dehradoon wala hoon

Miyyawalo chhe ke, Mathurawalo chhe ke, Gehuwala, Muthewala, Makkawalo chhe?
Kakhan ai re pahaadi bhula, ke jila ke gaun ko chhe – ke jila ke gaun ko chhe?

Dada pardada re honge pahad me kabhi ke jamana – Dada pardada re honge pahad me kabhi ke jamana
Des me hi paida hue hum, sachch maa na jana mana
Na pahadi cheej bhati mujhko, na pahadi boli aati hai na, bolta bachyata hoon
Mere ko pahadi mat bolo main Dehradoon wala hoon – Dehradoon wala hoon

Suddwalo chhe ke, Jassawalo chhe ke, Pitthuwala, Natthuwala, Kunnawalo chhe?
Ka be ai re pahaadi bhula, ke jila ke gaun ko chhe – ke jila ke gaun ko chhe?

Kapde mere saabo jaise, bhasha convent wali – Kapde mere saabo jaise, bhasha convent wali
Bathao ab kis anlge se lag raha hoon maon Garhwali
Shahri hoon gavaar na samjho, jins ko sulaar na samjho
Motorsekil wala hoon
Pahadi pahadi mat bolo main Dehradoon wala hoon – Dehradoon wala hoon

Brahmanwalo chhe ke,banjarawalo chhe ke, Balawala, Bhauwala, Bhanawalo chhe?
Kakhan ai re pahaadi bhula, ke jila ke gaun ko chhe – ke jila ke gaun ko chhe?

Rang bhi gora chitta mera, kad bhi lamba ooncha hai -  Rang bhi gora chitta mera, kad bhi lamba ooncha hai
Hero jaisa lagta hoon, maine dagadiyo se poochha hai
Pahadi bhula kehke meri bejjati kyu karte ho, main bhaut ijjat wala hoon
Mere ko pahadi mat bolo main Dehradoon wala hoon – Dehradoon wala hoon

Sundarwalo chhe ke, baniyawalo chhe ke, Aamwala, jamunwala, Daalanwalo chhe?
Kaan be ai re pahaadi bhula, ke jila ke gaun ko chhe – ke jila ke gaun ko chhe?
Kakhan ai re pahaadi bhula, ke jila ke gaun ko chhe – ke jila ke gaun ko chhe?
Mere ko pahadi mat bolo main Dehradoon wala hoon – Dehradoon wala hoon
Pahadi pahadi mat bolo main Dehradoon wala hoon – Dehradoon wala hoon

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Disclaimer : These songs are only to promote Uttarakhandi Music. If you like these then please buy original Cd/Cassettes and help Uttarakhandi Music.

42 responses to “मेरे को पहाड़ी मत बोलो मैं देहरादूण वाला हूं”

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    negi ji ram ram

    very good song.

    hearty congratulation for this songs you and your son;s

    thanks with best regards

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    Negi Gi

    Yae geet ke awastaka bahut paile thai. Aab aia dhanyabad.

    anu

  3. avatar

    पहाड़ी की सबसे बड़ी पहचान उसका पहाड़ी होना ही है, लेकिन मुझे आज तक इस बात का पता नहीं चल पाया कि आखिर क्यों अपनी पहाड़ियत से भागना या पिण्ड छुटाना चाहता है? मेरे को तो पहा़ड़ी कहलाने में गर्व की अनुभूति होती है।

    खैर गाना बहुत उम्दा है और भाई कविलास की आवाज भी पहली बार सुनी, वही पैतृक माधुर्य है, उन्हें शुभकामनायें और नेगी दा को धन्यवाद कि उन्होंने फिर से इस एलबम के माध्यम से पहाड़ के दर्द को उकेरा।

    1. avatar

      Bilkul sahi baat…kya kabhi mitti ki khushbu us se juda hui hai..Phad ek chetra hai..waha k niwasi pahadi kahlate hai..is main sharm kaisi..pratibha in chijo ki mohtaaj nahi hoti hai…phir sharm kaisi….

    2. avatar

      भाई साहब जन आप यख हिन्‍दी म लिखणा छन ना वनी हमारा नौजवान भी गढवाली बोलण मा शर्माण ल्‍ग्‍या छिन
      समझणा ह्वल हम क्‍या बुन चाणा छन…

  4. avatar

    yah hakikat hai or mai be jhijhak kah sakta hu ki negi ji ne hamesha pahad ki sanskriti ko or yaha ke dukh-dard ko apne geeto ke madhyaam se janta tak pahunchaya hai. is geet me bhi hakikat dikhai deti hai or kai log khud ko pahadi kahlane me sharm mahsus karte hai jis pahad me janam liya usi ko bhulana 1 durbhagya hai.mujhe garv mahsus hota hai ki mai bhi garhwali hu.

    Thanks,

  5. avatar

    kuch log apnte paheri batono ma apn bajetee samajtan tum dekh lea ki agar koi punjabi punjabi se bat kardan na ki hindi ma pahri log punjabi boldayal par pahari bunteye kuch log aphari bajtee samjadhan hum te garav hote bun chayad ki hum pahri chan

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    sabhi uttrakhandi bhaiyon ko mera namskar ……………. ///……….jai….maa..manila devi … mob…..9310227429

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    Nischit taur par ye gana ka bol or yeku saar bahut sundar ch….Yu un logon ki mansikta bataunu tai kafi ch ju logon to pahadi bon ma sharm auni ch………..Bahut sundar geet.

  8. avatar

    negi toh gadratan hai hiiii…. aur dusri taraf unke gane… negi g ka naam suntey hiii ek alag si feeling ho jaati hai.. par BJP sarkar mei nishank itna bekar leader hoga ye wakai mei sochney par majboor kar deta hai… par wahi dusri aur congress mei bhi toh sahi leader nahi hai.. jo central mei rahkar desh ka lutiya duba rahi hai…aur koun se congress ne koi bhi kaam sahi kiya hai…sabse achha toh kissi ko vote dene ki jarurat nahi hai… koi bhi aaye manjur hai… cum se cum dil me tassali toh rahti hai…aaj k ye leader leader nahi…maswag hai.. jo apne hii parwar ko kha jatey hai…

  9. avatar

    धन्यबाद… नेगी जी ई गीत का वास्ता आपन
    हमरा अपणा परदेसी भै बैणो की आधुनिक
    अर झूठी मनोवृति कु शत प्रतिशत सचु उल्लेख
    च कैरीं जब जब भी में देरादून गई अपणु मा बिरणो
    सी अलमेंण महसूस करी अर हमेशा आपेगी यू लाइन
    मन मा एजान्दी की (भै बंद अपणे छन हवे बिराणी देरादून)
    खैर… गाड गदेनु से ले के बांज बुरंसों तक जर्रा जर्रा
    उणी नेगी जी जीवात्मा देईन
    नेगी जी आप हैं तो हम हैं और आपके इन
    मर्मस्पर्शी गीतों के सहारे हमारी और मेरे कुछ और
    पर्वत प्रेमी दोस्त, भै बैणो
    की आश और उलाश (उल्लार) बंधी है,

    कू समझालू यू ते…
    उन्दारू मा दनकी उन्द जांदू मनखी
    उब उठ्दू मनखी उकाल चड़ी की…..

    नाम : राजू नेगी(ऊँचा डाँड्यों कू रेबासी)
    जगह : ठेठ बुग्याल बेटिन
    संपर्क सूत्र-09971400733

  10. avatar

    wish you all the best…….not to dare…..jumped on time…….new style…..next pahari generation…..want to live their own way……..best of luck….Kavilash

    love you,
    JP

  11. avatar

    negi ji bahut achhe song thats nice congratulation

  12. avatar

    negi ji aap ta kamal ka chaan

  13. avatar

    Uttrakhand Ratn Shri negi ji ku bahut bahut dhanyabad ki jonka pratap se hamari lok-sanskriti hum thak pahunchi jand.
    negi ji ku bahut dhanyabad ye gana khun, aur Kavilash negi ji thai ki hum garhwali bhaiji bhullo ku taraf se bahut -bahut shubhkamna.
    negi ji se ek vinnati cha ki wo hum jana aur bhi garhwali o thai ki yu ehsas karawa ki garhwal hamaru bhi cha, garhwal ka prati humari bhi kuch jimmedari chin……………………………………………………

    vikram bisht

  14. avatar

    mujhe to paharho ka udash lagta hain kyoki main es wakt mumbai main hu jab se mail parha main pulkit ho gaya dhany ho jiska janam paharho main hua ab main mumbai ke flat ko bechkar paharh aaraha hu
    tab aap ko mikar khub dance karunga khub gaunga abhi mene practic shuru kar di hain………..

    thanks …………kumauni bhaiya logo…………….i love all.

  15. avatar

    Negi Ji Aapko Meri or Mere Parivar ki taraf se bahut-bahut Badhai or Dher Saari Shubhkamnaye. Regards:- Bijendra Pant, Rakhi Pant, Shristi Pant

  16. avatar

    Hi Negi ji aap uttrakhand ke jan hai. aap uttrakhand shash.hai negi aap ek song aasha bano ke uttrakhand mai sharab (wine) bikani or peni band ho jaye? pls pls…..

  17. avatar

    Negi ji tum Dhany ho.. Garhwal ar Kuman ki Lok Sankarti ko bachane mai aap ka sv se jyadya haath hian,, Aaj ke nye Yuva Gayak Geet to ga rahe hain par un geeto mai o methas or Swad nahi hia jo Negi ji or Gopal bahu goswami ji ke geeto mai .. nayi pedi geet to lakh rahi hai pr Adhik se adhik girl Noni – ladkiyo pr .. na jane apni en gayako ko kya ho gaya .. sankarti bhul kar utpatng ga rahe hain.. jo 4 din baad apne ghur chale jate hian ….

    Negi ji Jiyo hajaro sal ….

  18. avatar

    main negi ji ki tulna kisi bhi gayak se karna uchit nahi samjhta kyunki unhone apne geeton main pahad ki har baat ka jikr kiya hai or main unki jo soch h uske liye unhe charan sparsh pranam karta hun……. Jug Jug Jiyo Negi ji main aapki lambi umar ki kamna karta hun..!

  19. avatar

    negi da ke geetyo ko sunkar sukun sa milta hai har koi uttrakhndi bhai bhahan ye chahata hai ki negi da jaisa or koi awaaj logo ko sune ko mile per ye chahat bhi logo ki puri ho gayi kyuki hamare bich kavilash negi jo aa gaye hai hame umid hai ki jaise negi da ki aawaj logo ki dil me basi huyi hai waise hi aawaj kavilash negi ji ki ho or logo ke dil me ye awaaj base thanks

  20. avatar

    Negiji ne jo pahar ke prati hamesha ke apna pyar dikhaya hai wah kabile tarif hai. Ham sab ko unse shiksha leni chahiye aur apne ap ko pahari hone par garv hona chahiye kyoki hamari sanskri hi wastav mai asli sanskrit hai. ese hamesha sanrakshit rakhana hamara dharma hai.

  21. avatar

    यहा इस गीत की जो व्याख्या दी गयी है . मैं उससे पूर्ण रूप से सहमत नही हूँ ।

    उपरोक्त गीत व्यंगात्मक शैली में लिखा गया है । नेगी जी ने गीत के माध्यम से उन लोगो पर कटाक्ष किया है । जो अपने को पहाड़ी कहलाने में लज्जा महसीस करते है । और अपनी बोली बोलना पर, अपमान का आभास करते है ।

    1. avatar

      मैं आपकी बात से सहमत हूँ.. गाना उन पहाडी लोगों पर व्यंग करते हुए लिखा गया है जो अपनी पहचान बताने में शर्म महसूस करते हैं.. ये बात शुरुआत के तीसरे पैराग्राफ में लिखी गई है..

  22. avatar

    Sir Namste …uttarkashi se huin …aapko kafi najdeek se dekh avam suna hai..kala darpan main…is CD ki charcha yahan chandigarh main suni thi gana abhi tak sun nahi paya huin….kavilash ne bhi saath main gaya hai kafi sukhad sanyog hai..us samay jabaap uttarkashi main the tab to kavi bahut chhoota tha…usko sunna mere liye ek nayi anubhuti hogi.Baki aapki lekhani to swnaam dhanya hai mai us k baare main kya likhu …na to hum aap k alava kuch aur sun pate hai nahi hume samajh aata hai…aapki lambi umr ki kamnna avam kavi k liye jitna chamakdaar unka vartman hi utna hi ujjaval unka bhavishya ho yahi mangalkamna..

  23. avatar

    negi da ke sabhi gane uttrakhand ki sanskriti or wha ke logo ke rahan sahan , unki sabhi ke prati sadbhavana per aadharit hai or hum ko yeh sandesh dete hai ki hume buraeyo ko chhod kar aachhaiyo ko apnana chahiye .maine abhi tak negi ka yeh gana nhi suna hai per jald hi sun lunga negi da tum eshi tarah uttrakhand ki birasat ko apne gano ki madhyam se sari duniya ke samne le ke aaye ho or le ke aate rehna
    thanks negi da main tumar bahute thul fan chhu.

  24. avatar

    NEGI JI AAPNE JO APNI KALA SE GARHWAL KO DIYA HAI HAM HAMESHA APKE AABHARI REHEGE , AAP GENIUS HO

  25. avatar

    negi ji ka to jab hi nahi kyuki negi ji jo bol bolte hai wo logo ke dil aur dimag me utar jati hai jo bhai logo dur desho me hai wo to sirf negi ji ke hi geeto se hi apne gawo ke yaado me kho jate hai negi ji to negi hi hai aur ye awaaj humesh 2 humare dilo me base rahegi thanka negi ki aap jise sigar hum logo ke bhich mein hai mera pahad mahan hai

  26. avatar

    Negi Ji aap Mahan hainn aur hum sab aapke sukr-gujaar hain ki aap hameshaa pahad ke sahitya aur virasat ki yaad dilateiin hai..

    Saheb, hum ma jyada sabd ni chin aap ki mahimaa ka varnan waste…

    Bahut Bahut Dhanyaabaad aur aapke aabhaari…. eteeesh raturi

  27. avatar

    Negi Ji,

    Aap legend of Garhwal hai…. Your every album fills in our heart … cheh wah tehri dubnu…, chehe nauchhami naraini itaydi ho. You are hummble requested to release these kind of albums….

  28. avatar

    Shri. Rakesh Rawat Ji,

    Kya aap bata sakte hain ki aapko is gaane mai kya bhura laga aur kyon???

  29. avatar

    bhai negi ji ko meru naskar ,

    ye geet sunkee asliyat to pata lagi ge , bahijee bahut dhanyabad apkaku.

    Tekchand Badoni

  30. avatar

    छबीलो कुमाऊँ मेरु रंगीलो गढ़वाल :::::: सबि गढ़वाली – कुमाउनी भाई बैणु को मेरु सादर प्रणाम…सच बात छ कि हमु सबि तैं अपनी बोली भाषा तैं खूब बढ़ावा दिन्यों छैंदु ……

  31. avatar

    good voice negi g

  32. avatar

    negi ji namste ,
    es geet se hame ek pahadi apne bhai ke apni ek khas pahachan alag he jhalk dekhati h chahe wh kese hi kapda pahne lekin uska chal chaln apni jamam bhumi ko darsata h

  33. avatar

    Negi Ji Dhanyabad…….
    apni boli pr jinhe saram aati h…Dhikkar h aise Sanskar dene waale mata – pita ko bhi..

  34. avatar

    namskar meru gadhwali bhay logo or meru uttrakhand ko amrit vani negi ji ko meru namskar me 18 saal ke umer betu bahar chin lekin aj me apnu gadhwal or vake saskiriti te hemasa yad karundu mujhe agar koi gadhwali bolta hai to me bahut khush hundu

    Rajesh sati ( Chamoli Narayanbazar)

  35. avatar

    mera uuttrakhandi bai bandho namskar ji mri utttrakhand ma hon wali nanadadevi rajjat kabhebeti ch

  36. avatar

    Bhai Negi ji hamesh amar ranya, jon ka gitu ma bhoan ma yan ullar ch yan payyar ch apna garhwal ka wasta, dhan chan chan hum jo garhwali hoy ki bhi apani panchayn choopanda chan, aur dhan chan Negi ji jo barbar apana geetu ka madham se hum te garhwali hon ko ashash karndan cha.

    Narendra singh Negi ji ko abhari chan hum garhwali, jo hamari pachan karondi chan.

    dhanyawad

    Bharat Singh Bisht
    vill- Bhimpani chouras
    kirtinagar bellock
    Tehari Garhwal
    mob no. 9310018570

  37. avatar

    भावार्थ सहित गीत प्रस्तुति के लिए धन्यवाद ..
    आधुनिक का डकोसला करने वालों में मुंह पर करारा तमाचा है ये गीत ….अपनी असली पहचान बुझदिल ही बताने से कतराते हैं ..

  38. avatar

    This song has given a good feeling to those who are ignoring the culture of hill. Although we are settled in Deharadun for betterment and development of children. But should be involved on the either way. Our originality is uttrakhand. One day will come the hill state will be hub of medicated plant and more productive plant in alternative of traditional agriculture procedure..

  39. avatar

    main Pahadi nahi hoo par mujhe uttrakhand or waha ke log bahut achhe lagte hai, mujhe pahadi gaane bhi achee lagte hai.. mujhko bhagwan next janam main garhwali ya kumaouni banaaye .

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