One response to “आवा दिदा भुलौं आवा, नांग धारति की ढकावा , डाळि बनबनी लगावा”

  1. बहुत खुबसूरत गाना है…मन करता है की रोज इस गाने को सुनु..और लोगो को भी सुनाऊ.

    आप से विनम्र निवेदन है अगर हों सके तो यें गाना मुझे मेरी मेल ID पर दे दीजिये..

    मेरी मेल ID है naveensaklani@gmail.com

    मै आप का आभारी रहूँगा..

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