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प्रबंधक

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उत्तराखंड से संबंधित समस्त जानकारी इंटरनैट पर लाने का संकल्प लिये एक अदना सा व्यक्ति। अपने फोरम और मेरा पहाड़ के साथ प्रयासरत।

साँस छिन आस-औलाद तुमारी हमारी डाली – झम्म

साँस छिन आस-औलाद तुमारी हमारी डाली – झम्म

लेखक : प्रबंधक

उत्तराखंडी लोक गायक पर्यावरण को बचाने, पेड़ों को ना काटने का संदेश देते हुए लोकगीत गाते रहे हैं। ऐसे ही कुछ गीत हम पहले ही आपको सुना चुके हैं जैसे  आवा दिदा भुलौं आवा, नांग धारति की ढकावा , डाळि बनबनी लगावा या डाल्यूं ना काटा चुचो डाल्यूं ना काटा, या फिर आज यो मेरी [...]

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Posted in संस्कृति, गीत-संगीत | Tagged environment song, garhwali music, garhwali song, narendra singh negi, uttarakhand music, uttarakhandi song | 7 Responses

धार मां कु गेणुं पार देख ऐ गे

धार मां कु गेणुं पार देख ऐ गे

लेखक : प्रबंधक

इस साइट पर आप इससे पहले नरेन्द्र सिंह नेगी जी का गाना “मुल-मुल कैकु हैंसणि छै तू” सुन चुके हैं, जिसमें एक युवती जंगलों के पौधों को अपना मित्र मानते हुए उनसे अपने दिन की बात कह रही है। इसी तरह जंगलों में अपने मवेशियों को चराने गये दल के एक पुरुष और महिला के [...]

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Posted in संस्कृति, गीत-संगीत | Tagged dhaar ma ku genu, forest song, garhwali music, garhwali song, garhwali video, madhulika negi, narendra singh negi, taka chhan to tak taka, uttarakhand music, uttarakhandi song, uttarakhandi video | 7 Responses

घाघरी का घेर, ब्योलि बौ-सैमन्या बौ

घाघरी का घेर, ब्योलि बौ-सैमन्या बौ

लेखक : प्रबंधक

प्रस्तुत गाना नेगी जी के लोकप्रिय गानों में से एक है। बारात में आया हुआ एक युवक (देवर) अपनी होने वाली भाभी (दुल्हन) के साथ सामान्य परिचय व हल्की-फुल्की मजाक कर रहा है।  ऐसे ही काल्पनिक संवाद के आधार पर यह गाना बना है। देवर अपनी भाभी के साथ परिचय बढाना चाह रहा है, और [...]

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Posted in संस्कृति, गीत-संगीत | Tagged anuradha nirala, garhwali song, garhwali video, narendra singh negi, uttarakhandi song, uttarakhandi video, wedding song | 2 Responses

तुम भी सूणां मिन सुणियाली, गढ़वाल ना कुमौं जालि

तुम भी सूणां मिन सुणियाली, गढ़वाल ना कुमौं जालि

लेखक : प्रबंधक

असली लोककलाकार वही है जो जनता की भावना को अपनी कला के माध्यम से प्रसारित करे। सच्चे कलाकार का यह दायित्व नरेन्द्र सिंह नेगी जी सदैव निभाते रहे हैं। पहाड़ की जनता के दुखदर्द और उनकी अपेक्षाओं को अपने गीतों के माध्यम से समाज के बीच रखने का उन्होने हमेशा प्रयास किया है। नेगी जी [...]

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Posted in संस्कृति, गीत-संगीत | Tagged पहाड़, gairsain capital movement, garhwali music, garhwali song, garhwali video, narendra singh negi, uttarakhandi song, uttarakhandi video | 11 Responses

रंग नीलु उंचा अगास को – दिखैंणा कुई नीलु

रंग नीलु उंचा अगास को – दिखैंणा कुई नीलु

लेखक : प्रबंधक

नरेन्द्र सिंह नेगी के गानों में कोमल मानवीय भावनाएं तथा जीवन का सार अन्तर्निहित रहता है। यह सुन्दर गाना देखिये-एक युवक किसी अत्यन्त सुन्दर युवती से कुछ सवाल पूछ रहा है। सामान्य रूप से देखने पर इस गाने के बोल प्रेमी द्वारा प्रेमिका को रिझाने के लिये बोले गये संवाद प्रतीत हो सकते हैं, लेकिन [...]

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Posted in संस्कृति, गीत-संगीत | Tagged garhwali music, garhwali song, narendra singh negi, tapkara, uttarakhand music, uttarakhandi song | 3 Responses

सात समौंदर पार च जाणा ब्वै, जाज मां जोंलु कि ना

सात समौंदर पार च जाणा ब्वै, जाज मां जोंलु कि ना

लेखक : प्रबंधक

नरेन्द्र सिंह नेगी जी के अधिकांश गीत पारम्परिक लोकसंगीत की विभिन्न विधाओं पर आधारित होते हैं। प्रस्तुत लोकगीत "खुदेड़ गीत" का एक बेहतरीन उदाहरण है। "खुदेड़ गीत" उत्तराखण्ड के विरह वेदना, स्मृति और वियोग से भरे पारम्परिक गीत हैं। (खुद+एड़, खुद = क्षुधा या उत्कन्ठा)। नेगी जी की आवाज में ही एक अन्य खुदेड़ गीत [...]

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Posted in संस्कृति, गीत-संगीत | Tagged army song, garhwali music, garhwali song, khuded song, narendra singh negi, uttarakhand music, uttarakhandi song | 8 Responses

रोग पुराणु कटे ज़िन्दगी नई ह्वैगे, तेरु मुल – मुल हैंसुणु दवाई ह्वैगे

रोग पुराणु कटे ज़िन्दगी नई ह्वैगे, तेरु मुल – मुल हैंसुणु दवाई ह्वैगे

लेखक : प्रबंधक

नरेन्द्र सिंह नेगी जी ने बहुत से प्रेम-गीत गाये हैं लेकिन उनके गाये कुछ प्रेम गीत ऐसे  हैं जिसमें प्रेम को लेकर एक नये तरीके के उपमानों का प्रयोग किया गया है उदाहरण के लिये उनके गाये त्यारा रूप कि झौल मां, नौंणी सी ज्यू म्यारु को ही लें जिसमें उन्होने प्रेमिका के रूप की [...]

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Posted in संस्कृति, गीत-संगीत | Tagged garhwali music, garhwali song, garhwali video, love song, narendra singh negi, t series, uttarakhand music, uttarakhandi song | 8 Responses

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Narendra Singh Negi’s Songs

मुल-मुल कैकु हैंसणि छै तू
जाग जाग हे उत्तराखण्डि…..जै भारत जै उत्तराखण्ड
प्रीत की कुंगली डोर सी छिन ये..बेटी ब्वारी पहाड़ू की बेटी ब्वारीप्रीत की कुंगली डोर सी छिन ये..बेटी ब्वारी पहाड़ू की बेटी ब्वारी
परसि बटि लगातार, बारि-बारि कू बुखार, चड़्यू च रे डाग्टार, मोर्दु छौं उतार-उतारपरसि बटि लगातार, बारि-बारि कू बुखार, चड़्यू च रे डाग्टार, मोर्दु छौं उतार-उतार
नयु-नयु ब्यो च मिठि-मिठि छुईं लगौंलानयु-नयु ब्यो च मिठि-मिठि छुईं लगौंला
जैता एक दिन तो आलो, ऊ दिन यो दुनी में
कख लगाण छुईं, कैमा लगाण छुईं
मेरा औंण से हर्ष हो कै त ह्वैल्यो
कारगिले लड़ै मां छौऊं…तू उदास न ह्वै मां….
घाघरी का घेर, ब्योलि बौ-सैमन्या बौघाघरी का घेर, ब्योलि बौ-सैमन्या बौ

Gopal Babu Goswami’s Songs

घुघुति ना बासा,आमै की डाई मा
आज मी के बाटुई लागी, घुट-घुटा गवै मा
ओ परुवा बॉज्यू चपल के ल्याछा यस
धन मेरो पहाड़ा मैं तेरी बलाई ल्यूंल
भुरु भुरु उज्वाऊ हैगो
रंगीली चंगीली पुतई जसी
घर घरुं आज है ग्ये चहा चूसा-चूस
पतई कमर तिरछी नजर..हाय हाय रे मिजाता..
छबीलो गढ़वाल मेरो,रंगीलो कुमाँऊं…
विदाई गीत : न रो चेलि न रो मेरि लालविदाई गीत : न रो चेलि न रो मेरि लाल

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