कैसा हो स्कूल हमारा: गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’
कैसा हो स्कूल हमारा जहां न बस्ता कंधा तोड़े, ऐसा हो स्कूल हमारा जहां न पटरी माथा फोड़े, ऐसा हो स्कूल हमारा जहां न अक्षर कान उखाड़े, ऐसा हो स्कूल हमारा जहां न भाषा जख़्म उघाड़े, ऐसा हो स्कूल हमारा कैसा हो स्कूल हमारा जहां अंक सच-सच बतलाएं, ऐसा हो स्कूल हमारा जहां प्रश्न हल [...]
द्वी दिन की हौरि छ अब खैरि- मुट्ट बोटीकि रख
उत्तराखंड राज्य प्राप्ति आन्दोलन में अनेक लोगों ने योगदान दिया। कुछ लोग शहीद हुए तो कुछ लोगों नें अपनी कलम के माध्यम से अपनी बात रखी, चाहे वह गिरीश चन्द्र तिवारी ‘गिर्दा’ हों या फिर नरेन्द्र सिंह नेगी। नेगी जी के गाये कुछ गीत जैसे “मथि पहाड़ु बटि, निस गंगाड़ु बटि..उत्तराखण्ड आन्दोलन मां” या फिर [...]
आवा दिदा भुलौं आवा, नांग धारति की ढकावा , डाळि बनबनी लगावा
वनों पर मानव समाज की निर्भरता हमेशा से ही रही है, लेकिन बढते जनसंख्या के दवाब और औद्यौगिकरण के लिये जंगलों के अनियंत्रित दोहन से असन्तुलन की चिन्ताजनक स्थिति पैदा हो चुकी है। इस समय “ग्लोबल वार्मिंग ” और अन्य पर्यावरणीय मुद्दों पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर गम्भीर विचार-विमर्श चल रहा है लेकिन आम लोगों की [...]
रंग-रंगिलि बहार ऐगे होरी की
बसंत का मौसम उल्लास, प्रेम, नवजीवन का प्रतीक है। बसंत के मौसम में पृकृति अपने पूरे यौवन पर होती। इस मौसम में उत्तराखंड की धरती भी दुल्हन की तरह सज जाती है। इसी लिये नरेन्द्र सिंह नेगी जी कहते हैं “मेरा डांडी काण्ठियों का मुलुक जैल्यु, बसन्त रितु मा जैयि” । इसी मौसम में होली [...]
मैं नि करदु त्वैं से ते बात, बोल चिट्ठी किले नि भैजि
नरेन्द्र सिंह नेगी जी के गाये युगल प्रेम-गीत श्रोताओं का मनमोहते रहे है। चाहे वह ज्यू त यन बौनूं च आज नाच नाचि की या फिर त्यारा रूप कि झौल मां, नौंणी सी ज्यू म्यारु हो। आज प्रस्तुत है उन्ही का गाया एक और प्रेम गीत। नरेन्द्र नेगी जी ने यह प्रसिद्ध युगल गीत सुपरहिट [...]
ठण्डो रे ठण्डो, मेरा पहाड़ै की हव्वा ठण्डी – पाणि ठण्डो
पहाड़ और ठण्ड – दोनों शब्द एक दूसरे के पूरक लगते हैं। पहाड़ शब्द सुनते ही ऐसा लगता है जैसे कहीं दूर से आती हुई किसी ठण्डे, निर्मल हवा के झौंके ने दिल-दिमाग को ठण्डा कर दिया हो। पहाड़ से जुडे इसी शीतलता के अहसास को नरेन्द्र नेगी जी ने इस बेहद सुन्दर गाने में [...]
भलु लगुदु भनुलि तेरु माठु-माठु हिटणु हेss भलु लगुदु
नरेन्द्र सिंह नेगी जी के गाये सैकड़ों गीतों में यह युगल गीत अपेक्षाकृत नया माना जा सकता है । यह उनकी सर्वाधिक बिक्री होने वाली वीडियो सीडी "नौछमी नरैण" में रिलीज हुआ था। इस गीत के बोल बाजूबन्द शैली के कवित्त में लिखे गये हैं, इस तरह के बोलों को "जोड़" भी कहा जाता है। [...]



