उत्तराखण्ड राज्य प्राप्ति के लिये उत्तराखण्ड के लोगों ने लगभग 50 साल तक संघर्ष किया और एक बड़े अहिंसक आन्दोलन के फलस्वरूप अलग राज्य का निर्माण हुआ। पृथक राज्य निर्माण की मांग पीछे लोगों की यह अपेक्षाएं थी कि अपना राज्य और अपना शासन होगा तो दुश्वारियां कुछ कम होंगी और सामान्य जनता की इच्छानुसार एक आदर्श राज्य की स्थापना होगी। पृथक राज्य बनाने के उद्देश्य को लेकर लड़ रहे समाज में हर तबके की अपनी-अपनी प्राथमिकताएं और अपेक्षाएं थीं, उसी दौर में नेगी जी ने यह गाना लिखा। इस गाने में नरेन्द्र सिंह नेगी जी ने उत्तराखण्ड की महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों आदि समाज के हर तबके से यह सवाल पूछा है कि – तुम्हें कैसा उत्तराखण्ड चाहिये ?
इसके बाद महिलाओं, बुजुर्गों, नौनिहालों और प्रधान जी ने उत्तराखण्ड राज्य से जुड़ी अपनी अपेक्षाएं बतायी हैं। राज्य बनने के दस साल हो चुके हैं लेकिन उत्तराखण्ड वैसा राज्य बनता नहीं दिख रहा है जैसे सपने उसे लेकर लोगों ने संजोये थे। अब जरूरत इस बात की है कि राज्य के नीतिनिर्धारक नेता और नौकरशाह के कानों तक नेगी जी का यह गीत पहुँचे, और वो लोगों के इच्छाओं के अनुसार राज्य बनाने के लिये ईमानदारी और सच्ची निष्ठा से काम करें।
भावार्थ : बोलो भाइयो तुम्हें कैसा उत्तराखण्ड चाहिये ? लोग जवाब देते हैं – हमें ऐसा उत्तराखण्ड चाहिये जहाँ जात – पात का भेदभाव न हो , ईर्ष्या – गुस्सा न हो और लोगों के बीच इन्सानियत हो।
बोलो बहू- बेटियो तुम्हें कैसा उत्तराखण्ड चाहिये ? महिलाओं की इच्छा है कि उत्तराखण्ड ऐसा बने जिसमें घास-लकड़ी की परेशानी ना हो और जंगलों पर जनता का हक हो। रोजगार के लिये किसी को बाहर ना जाना पड़े जिससे सब साथ रहे और अपनों के इन्तजार में किसी का दिल उदास न हो।
बोलिये बुजुर्ग महोदय आपको कैसा उत्तराखण्ड चाहिये ? बुजुर्गों का जवाब है-भई हमें तो ऐसा उत्तराखण्ड चाहिये जहाँ नहरों में पानी हो, खेतों में हरियाली हो बाग-बगीचे, फल – फूल लहलहाये और सभी लोग मेहनतकश हों।
नवयुवकों और बच्चों को सम्बोधित करते हुए पूछा गया है – बोलो नौनिहालो तुम्हारे अनुसार उत्तराखण्ड कैसा होना चाहिये? वो कहते हैं-जहाँ शिक्षा-दीक्षा का उचित प्रबन्ध हो, रोजगार सुलभ हों। कोई आदमी बेरोजगार न बैठा हो और सभी लोग अपनी आजीविका कमायें उत्तराखण्ड ऐसा होना चाहिये।
बोलिये प्रमुख जी आप कैसा उत्तराखण्ड चाहते हैं? प्रमुख जी अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहते हैं- हमारे अनुसार उत्तराखण्ड ऐसा राज्य बने जिसमें हर घर में छोटे-छोटे कुटीर उद्योग हो, दफ्तरों में घूस व भ्रष्टाचार न हो और जिसमें हर गांव का सुनियोजित विकास हो।
गीत के बोल देवनागिरी में
बोला भै-बन्धु तुमथें कनु उत्तराखण्ड च
येंणु च
बोला भै-बन्धु तुमथें कनु उत्तराखण्ड चयेंणु च ( कोरस )
हे उत्तराखण्ड्युं तुमथें कनु उत्तराखण्ड चयेंणु च
बोला भै-बन्धु तुमथें कनु उत्तराखण्ड चयेंणु च ( कोरस )
जात न पात हो राग न रीस हो, छोटू न बड़ू क्वै भूको न तीसु हो
जात न पात हो राग न रीस हो, छोटू न बड़ू क्वै भूको न तीसु हो ( कोरस )
मनख्युमां हो मनख्यात, यनुं उत्तराखण्ड चयेणु च
मनख्युमां हो मनख्यात, यनुं उत्तराखण्ड चयेणु च ( कोरस )
बोला बेटि-ब्वारयुं तुमथें कनु उत्तराखण्ड चयेणु च
बोला माँ-बेण्युं तुमथें कनु उत्तराखण्ड चयेणु च ( कोरस )
घास-लखड़ा हों बोंण अपड़ा हों, परदेस क्वै ना जौ सब्बि दगड़ा हों ( महिला स्वर )
घास-लखड़ा हों बोंण अपड़ा हों, परदेस क्वै ना जौ सब्बि दगड़ा हों ( महिला कोरस )
जिकुड़ी ना हो उदास, यनुं उत्तराखण्ड चयेणु च ( महिला स्वर )
जिकुड़ी ना हो उदास , यनुं उत्तराखण्ड चयेणु च ( महिला कोरस )
बोला बोड़ाजी तुमथें कनु उत्तराखण्ड चयेणु च ( कोरस )
बोला काकाजी तुमथें कनु उत्तराखण्ड चयेणु च ( कोरस )
कूळुमा पाणि हो खेतु हैर्याली हो, बाग-बग्वान-फल फूलुकी डारी हो
कूळुमा पाणि हो खेतु हैर्याली हो, बाग- बग्वान-फल फूलुकी डारी हो ( कोरस )
मैंनति हों सब्बि लोग, यनुं उत्तराखण्ड चयेणु च
मैंनति हों सब्बि लोग, यनुं उत्तराखण्ड चयेणु च ( कोरस )
बोला भुलुऔं तुमथें कनु उत्तराखण्ड चयेणु च ( महिला कोरस )
बोला नौल्याळू तुमथें कनु उत्तराखण्ड चयेणु च ( पुरुष कोरस )
शिक्षा हो दिक्षा हो जख रोजगार हो, क्वै भैजी भुला न बैठ्यूं बेकार हो
शिक्षा हो दिक्षा हो जख रोजगार हो, क्वै भैजी भुला न बैठ्यूं बेकार हो ( कोरस )
खाना कमाणां हो लोग यनुं उत्तराखण्ड चयेणु च
खाना कमाणां हो लोग यनुं उत्तराखण्ड चयेणु च ( कोरस )
बोला परमुख जी तुमथें कनु उत्तराखण्ड चयेंणु च ( कोरस )
बोला परधान जी तुमथें कनु उत्तराखण्ड चयेंणु च ( कोरस )
छोट छोटा उद्योग जख घर-घरूँमा हों, घूस न रिस्पत जख दफ्तरमां हो
छोट छोटा उद्योग जख घर-घरूँमा हों, घूस न रिस्पत जख दफ्तरमां हो ( कोरस )
गौ-गौंकू होऊ विकास यनुं उत्तराखण्ड चयेणु च
गौ-गौंकू होऊ विकास यनुं उत्तराखण्ड चयेणु च ( कोरस )
बोला भै- बन्धु तुमथें कनु उत्तराखण्ड चयेंणु च ( कोरस )
हे उत्तराखण्ड्युं तुमथें कनु उत्तराखण्ड चयेंणु च ( कोरस )
गीत :
Audio clip: Adobe Flash Player (version 9 or above) is required to play this audio clip. Download the latest version here. You also need to have JavaScript enabled in your browser.
इस गीत का चुनाव व हिन्दी अर्थ हमारे सदस्य और लेखक हेम पंत का है।
अपना उत्तराखंड में उत्तराखंड से संबंधित गीत केवल उत्तराखंड के संगीत को बढ़ावा देने के लिये हैं। यदि आपको यह पसंद आयें तो निवेदन है कि बाजार से इन्हे सीडी या कैसेट के रूप में खरीद कर उत्तराखंडी संगीत को बढ़ावा दें। हम यथा-संभव सीडी या कैसेट की जानकारी देने का प्रयास करते हैं। यदि आपको इससे संबंधित जानकारी हो तो क़ृपया टिप्पणी में बतायें।
Lyrics of the song “bolaa bhai-bandhu tumathe.n kanu uttaraakhaND chaye.nNu ch“
bolaa bhai-bandhu tumathe.n kanu uttaraakhaND chaye.nNu ch
bolaa bhai-bandhu tumathe.n kanu uttaraakhaND chaye.nNu ch ( Chorus )
he uttaraakhaNDyu.n tumathe.n kanu uttaraakhaND chaye.nNu ch
bolaa bhai-bandhu tumathe.n kanu uttaraakhaND chaye.nNu ch ( Chorus )
jaat n paat ho raag n rees ho, chhoToo n broo kvai bhooko n teesu ho
jaat n paat ho raag n rees ho, chhoToo n broo kvai bhooko n teesu ho ( Chorus )
manakhyumaa.n ho manakhyaat, yanu.n uttaraakhaND chayeNu ch
manakhyumaa.n ho manakhyaat, yanu.n uttaraakhaND chayeNu ch ( Chorus )
bolaa beTi-bvaarayu.n tumathe.n kanu uttaraakhaND chayeNu ch
bolaa maa.N-beNyu.n tumathe.n kanu uttaraakhaND chayeNu ch ( Chorus )
ghaas-lakhraa ho.n bo.nN ap .Daa ho.n, parades kvai naa jau sabbi dag .Daa ho.n ( mahilaa svar )
ghaas-lakhraa ho.n bo.nN ap .Daa ho.n, parades kvai naa jau sabbi dag .Daa ho.n ( mahilaa Chorus )
jiku .Dee naa ho udaas, yanu.n uttaraakhaND chayeNu ch ( mahilaa svar )
jiku .Dee naa ho udaas , yanu.n uttaraakhaND chayeNu ch ( mahilaa Chorus )
bolaa bo .Daajee tumathe.n kanu uttaraakhaND chayeNu ch ( Chorus )
bolaa kaakaajee tumathe.n kanu uttaraakhaND chayeNu ch ( Chorus )
kooLumaa paaNi ho khetu hairyaalee ho, baag-bagvaan-phal phoolukee Daaree ho
kooLumaa paaNi ho khetu hairyaalee ho, baag- bagvaan-phal phoolukee Daaree ho ( Chorus )
mai.nnati ho.n sabbi log, yanu.n uttaraakhaND chayeNu ch
mai.nnati ho.n sabbi log, yanu.n uttaraakhaND chayeNu ch ( Chorus )
bolaa bhuluau.n tumathe.n kanu uttaraakhaND chayeNu ch ( mahilaa Chorus )
bolaa naulyaaLoo tumathe.n kanu uttaraakhaND chayeNu ch ( puruSh Chorus )
shikShaa ho dikShaa ho jakh rojagaar ho, kvai bhaijee bhulaa n baiThyoo.n bekaar ho
shikShaa ho dikShaa ho jakh rojagaar ho, kvai bhaijee bhulaa n baiThyoo.n bekaar ho ( Chorus )
khaanaa kamaaNaa.n ho log yanu.n uttaraakhaND chayeNu ch
khaanaa kamaaNaa.n ho log yanu.n uttaraakhaND chayeNu ch ( Chorus )
bolaa paramukh jee tumathe.n kanu uttaraakhaND chaye.nNu ch ( Chorus )
bolaa paradhaan jee tumathe.n kanu uttaraakhaND chaye.nNu ch ( Chorus )
chhoT chhoTaa udyog jakh ghar-gharoo.Nmaa ho.n, ghoos n rispat jakh daphtaramaa.n ho
chhoT chhoTaa udyog jakh ghar-gharoo.Nmaa ho.n, ghoos n rispat jakh daphtaramaa.n ho ( Chorus )
gau-gau.nkoo hooo vikaas yanu.n uttaraakhaND chayeNu ch
gau-gau.nkoo hooo vikaas yanu.n uttaraakhaND chayeNu ch ( Chorus )
bolaa bhai- bandhu tumathe.n kanu uttaraakhaND chaye.nNu ch ( Chorus )
he uttaraakhaNDyu.n tumathe.n kanu uttaraakhaND chaye.nNu ch ( Chorus )
You can get many such songs in our forum and download Kumaoni/Garhwali songs through the links provided there.
Disclaimer : These songs are only to promote Uttarakhandi Music. If you like these then please buy original Cd/Cassettes and help Uttarakhandi Music.




Dear Daddaa ji
Mi ki le uttrakhand de khein bahut pyar chu magar dadda meri bad nasibi ye chu ki me pahad bhati bahut dur chu pahad k vikas me kesi sath du samajh ni aannu me chahnu ki meri uttra khand me naukari lagi jao me aapnu uttrakhanda vikas khatir din raat ek karu, magar hamar uttrakhand me rojgar k sadhan ni chi k karu,
hamari liyak k sewa hali hamuke le yaad kariya
राज्य बनने के बाद भाईयों मे ईष्यॉ गुस्सा भेद भाव बरकरार है इन्सानियत तो भूल ही जाओ अपने ही घरो मे हम ठगे जा रहे है.
राज्य बनने के बाद महिलाओ की इच्छा का तो कहना ही क्या रोजगार के लिए आदमी को बहार खदेड़ने मे प्रबल दावेदारी उनही की है.
घर फन आजाद है री, जाना कना भ्यार, क्ये करछा य घर फन, क्ये छा य पहाड फन, जाओ भ्यार बती कमै बेर ल्याओ, हमुकै भैटी बेर खवाओ, हमु कैल नी हुन तुमर य कारबार, हमु बीती नी ल्यायन जंगो बटी लकाड, हमु कैल नी काटीयन य घा पात, घुरै दियो ह आपण भैस कै, किलै ल्याछै मीकै मुकुट बाद बेर.
बेचारा आदमी औरत के इन तमाम लफ्जो को सुनकर छोड आया अपना पहाड और घुस गया शहर की भीड भाड मे.
राज्य बनने के बाद बुजुर्गो का दम घोट दिया गया वो अपने ही घर मे वेगाने हो गये बेटे का परदेश मे होने का फायदा बहु ने जरूर उठाया बहु की टोका टोकी पर अगर उन्होने कुछ कहा तो बहु ने पति को घर बुलाकर पति को झुठी बातो से बहला फुसला कर पति के साथ शहर मे डेरा जमाया और अपनी चालाकी से बेचारे भावनात्मक जीवन जीने वाले सास ससुर को ठेंगा दिखा दिया. और नाती पोथो के लाड प्यार से भी उनहै दूर किया.
राज्य बनने को बाद नौनिहालो का तो हाल ही बेहाल है शिक्षा-दीक्षा मे कहा उनका मन है उनका मन तो टेलिविजन व मोबाईल मे लगता है.
राज्य बनने के बाद प्रमुख जी का तो क्या कहना वह तो रात-रात तक घर ही नही पहुचते है मादक पदार्थो का सेवन करके जहां सांझ पड जाये वही उनका अड्डा है.
ऐसा लगता है जैसे वो भाई वो बहन वो बहु वो बेटियां वो देबी वो नव युवक वो बुजुर्ग वो प्रमुख सब कहने के लिए ही पैदा हुवे हो.
जैसा उत्तराखण्ड आज बना दिया गया है, वैसा तो किसी को नहीं चाहिये था।
hi i like must be lalit mohan joshi top ten kumaoni song so pl sed this mail thanks
Mero pyro uttrakhand ko mero pyar bharo namaskar.
Aj hamara uttrakhand vikash ke chetra men bhaut aage nikal gaya hai………….lakin jhan tak mene dekha hai itna vikash hone ke bad bhi hamari 70% yuwa piri serve in without job WHY????………….Pl tel meeeeee…….