मेरे को पहाड़ी मत बोलो मैं देहरादूण वाला हूं
नरेंद्र सिंह नेगी जी की नयी कैसेट “अब कथगा खैल्यु” बेहद पसंद की जा रही है. आडियो सीडी आने के बाद अब लोग इसकी वीडियो के रिलीज का इंतज़ार कर रहे हैं. “अब कथगा खैल्यु” (हिन्दी – अब कितना खाओगे?) के माध्यम से नेगी जी ने राजनीति में फैले भ्रष्टाचार पर आघात किया है। यहाँ [...]
माठु माठु हिट जरा हौले हौले चल तू
गोपाल बाबू गोस्वामी जी ने तरह तरह के गाने गाये हैं। जिनमे विरह गीत, प्रेम-गीत, भजन, प्रकृति गीत आदि आप पहले सुन चुके हैं। आज हम आपके सामने एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं जो हास्य का पुट लिये हुए है। इस गीत में एक साठ साल के वृद्ध मगर दिल के जवान व्यक्ति की [...]
त्यारा रूप कि झौल मां, नौंणी सी ज्यू म्यारु
नरेन्द्र सिंह नेगी जी एक गायक व संगीतकार होने के साथ-साथ एक बहुत अच्छे कवि भी हैं। यह उनके द्वारा लिखे गये गीतों में स्पष्ट दिखता भी है। आज हम उनका एक ऐसा ही गीत प्रस्तुत कर रहे हैं जिसके बोल किसी भी सुनने वाले को भाव-विभोर कर देंगे। “त्यारा रूप कि झौल मां, नौंणी [...]
हो…..जय मैया, जय मैया, जै जै मैया
उत्तराखंड के स्वर सागर, श्री गोपाल बाबू गोस्वामी जी ने यह बहुत ही प्यारा भजन गाया है। ऐसा ही एक भजन “जै मैय्या दुर्गा भवानी, जै मैय्या..” आप पहले भी सुन चुके है। भावार्थ : हे माँ तू ही काली है तू ही खप्पर वाली है, तू ही है दुर्गा का अवतार,लाखो मठ मंदिर है [...]
हे दिल्ली वाळा द्यूरा-हे दिल्ली वाळा
नरेन्द्र सिंह नेगी जी व मीना राणा द्वारा गाया गया यह सुन्दर गाना 2008 में रिलीज हुई उनकी एलबम “मायाकु मुण्डारो” से है। एक सीधी-सरल ग्रामीण महिला का पति दिल्ली में नौकरी करता है और कई सालों से उसकी कोई सूचना नहीं मिली है। दिल्ली में काम करने वाला एक दूसरा युवक जब गांव में [...]
गौळा मां बडुळि, मेरि पैत्वाल्युं पराज
अपने मूल से उखड़ कर तो एक पौधा भी सूख जाता है, मनुष्य भला कैसे अपनी जन्मभूमि से बिछड़ कर सुखी रह सकता है। नरेन्द्र नेगी जी ने इस गाने के माध्यम से अपने पैतृक गांव और परिवार से दूर रह रहे एक प्रवासी पहाड़ी पुरुष की तड़प व्यक्त की है। शहर की तेज दौड़ती [...]
पी जाओ म्यॉर पहाड़ को ठंडो पानी
गोपाल बाबू गोस्वामी द्वारा गाया गाना “पी जाओ, पी जाओ, म्यॉर पहाड़ को ठंडो पाणी” लोगों को अपने पहाड़ की याद दिलाता है। पहाड़ का प्राकृतिक वातावरण होता ही इतना सुन्दर है कि पहाड़ लोगों की स्मृतियों में हमेशा ज़िन्दा रहता है। पहाड़ के लोग पहाड़ में शहर को खोजते हैं और एक बार शहर [...]



