पाराशर गौड़
गढ़वाली में नाट्य लेखन, पुष्पांजलि रंगशाला व आंचलिक रंगमंच के संस्थापक; 1960 से 1984 तक लेखन, अभिनय व निर्देशन; बीस वर्षों तक गढ़वाली नाटकों, गीतों व कविताओं की रचना। कुछ गीत और कविताएँ पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुईं। 1983 में पहली गढ़वाली फिल्म ‘जग्वाल’ का निर्माण।1988 में कनाडा प्रवास, वहां भी फिल्मों से जुड़ाव बना हुआ है। कुछ अंग्रेजी, हिन्दी व पंजाबी फिल्मों में काम किया। उत्तरी अमेरिका में गढ़वाली एकांकी का मंचन किया। गढ़वाली गीतों के वीडियो निर्माण में संलग्न।अमेरिका में प्रवासी उत्तरांचली संगठनों में सक्रिय।
अनवर जमाल
चार बार राष्ट्रपति पुरस्कार|पहली फीचर फिल्म ‘स्वराज’ 2003 में मौण्ट्रियल में प्रीमीयर, 26 अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म समारोहों में प्रदर्शित की गयी।अपनी पत्नी सहजो सिंह के साथ पिछले 14 सालों में लगभग 50 वृत्त चित्रों का निर्माण।
अनूप जलोटा
1976 में फिल्म शिरडी के साईं बाबा के लिए गायन।
प्रमुख उपलब्धियां : गजल तथा भजन गायक के रूप में अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति; उ.प्र. संगीत नाटक अकादमी से पुरस्कृत।


