कुमाऊंनी भाषा का एक बहुत पुराना लोकगीत है – “छाना बिलौरी झन दिया बौज्यू, लागनि बिलोरिक घाम“। इस गाने में एक युवती अपने पिता से मनुहार करती है कि उसकी शादी छाना बिलौरी नामक गांव/इलाके में न की जाये क्योंकि वहाँ अनेक प्रकार के कष्ट है और सबसे मुश्किल बात यह है कि तेज धूप पड़ने के कारण वहाँ गरमी होती है। उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध लोकगायक गोपाल बाबू गोस्वामी ने इस नकारात्मक गाने को झूठलाते हुए छाना-बिलौरी इलाके की प्रशंसा करते हुए एक गाना रचा – “दी दिया बौज्यू छाना बिलोरी, नि लांगना हो घाम” प्रस्तुत है गोपाल दा का यही मशहूर गाना।
भावार्थ : छाना-बिलौरी बड़ा ही अच्छा लगता है, छाना बिलौरी में बांके नौजवान लड़के रहते हैं, बौज्यू (पिताजी) आप मुझे छाना-बिलौरी ही भेज देना (छाना-बिलौरी में ही मेरी शादी कर देना), वहाँ धूप नहीं लगती है, किसी ने ऐसे ही बदनाम करने के लिये यह झूठी बात फैलाई है।
पिताजी छाना-बिलौरी में रहने वाले पुरुष सज्जन है और बच्चे-जवान, बहू-बेटियां भी बहुत अच्छे हैं। छाना-बिलौरी के बेटे सजीले हैं मेरा कन्यादान आप छाना-बिलौरी के लिये ही करियेगा.
पिताजी आप शादी के समय मुझे खेती के छोटे-मोटे औजार दे दीजियेगा, मैं खेतों में काम करुंगी, आखिर मैं जिमदार (कृषक) की बेटी हूँ मुझे भला खेती के काम करने में क्यों शरम आयेगी। छाना बिलौरी में रहने वाले जवान और बुजुर्ग रंगीले (सजीले) हैं और यहाँ के पुरुष बातें करने में भी वह बहुत निपुण हैं व बुद्धिमान हैं।
अन्त में युवती कहती है – पिताजी कुमाऊं के अल्मोड़ा जिले में पड़ने वाले छाना-बिलौरी गांव के हरे-भरे पहाड़ बहुत सुन्दर लगते हैं आप मेरी शादी वहीं से कीजियेगा और इस बात के लिये अब इन्कार मत कीजिये।
गीत के बोल देवनागिरी में
एक बहुत पुराण गीत छ हमार पहाड़क “छाना बिलौरी झन दिया बौज्यू, लागनि बिलोरिक घाम” लेकिन यो बात गलत छ देखो यो म्यारा गीत में छाना बिलोरी क वर्णन। (एक बहुत पुराना गीत है हमारे पहाड़ का “छाना बिलौरी झन दिया बौज्यू, लागनि बिलोरिक घाम” लेकिन ये बात गलत है, ये देखिये मेरे गीत में छाना बिलौरी का वर्णन)
छाना बिलौरी कै भलो लांगुं, छाना बिलौरी का ज्वाना
पर्वतीय अंचल मैं जब वर वधू की शादी रचाई जाती है तो अनेक रश्में निभाई जाती है मोबाइल व इन्टरनेट के युग मैं आज भी वधू के बाकायदा आगमन की सूचना देने हेतु मस्चुन्गाई, मन्ग्च्बाई या मस्चोई को वधू पक्ष के घर भेजा जाता है. मस्चुन्गाई कंधे मैं मॉस की दाल (उरद की दाल ) व चावल की थैली तथा हाथों मैं दही की ठेकी लेकर वधू पक्ष के घर जाता है.(कुछ लोग मास व चावल नहीं ले जाते हैं) उसे ससम्मान पिठ्याँ लगा व दक्षिणा देकर पठाया जाता है
छाना बिलौरी कै भलो लांगुं, छाना बिलौरी का ज्वाना
ओ दी दिया बौज्यू छाना बिलोरी
ओ दी दिया बौज्यू छाना बिलोरी, नि लांगना हो घाम
झुटि यो कैले बात कै दे छ, खालि करो बदनाम
छाना बिलौरी कै भलो लांगुं, छाना बिलौरी का ज्वाना
छाना बिलौरी कै भलो लांगुं, छान बिलौरी का ज्वाना
छाना बिलौरी कै भलो लांगुं, छान बिलौरी का ज्वाना
छाना बिलौरी कै भलो लांगुं, छान बिलौरी का ज्वाना
ओ हो छाना बिलोरी का मैंस छै भला
छाना बिलोरी का मैंस छै भला, भाल छ नाना ज्वाना
छाना बिलोरी का मैंस छै भला, भाल छ नाना ज्वाना
भाल छैं बौज्यु चैलि ब्वारिया, च्याल छैं बौज्यु बाना
छाना बिलौरी दी दिया बोज्यू, छाना बिलौरी का ज्वाना
छाना बिलौरी दी दिया बोज्यू, करि दिया कन्यादान
छाना बिलौरी दी दिया बोज्यू, करि दिया कन्यादान
कुटई दातुलि दान दि दिया
कुटई दातुलि दान दि दिया – करुलों खेति को काम
हो जिमदार कि चेलि छु बौज्यु, काम कि कै सरम
छाना बिलौरी कै भलो लांगुं, छान बिलौरी का ज्वाना
छाना बिलौरी कै भलो लांगुं, छान बिलौरी का ज्वाना
छाना बिलौरी कै भलो लांगुं, छान बिलौरी का ज्वाना
छाना बिलौरी दी दिया बोज्यू, नि लागनां हो घाम
छाना बिलौरी दी दिया बोज्यू, नि लागनां हो घाम
हो रंगिला मैंसा स्यांणि छै भला
रंगिला मैंसा स्यांणि छै भला – बुड़ रंगिला ज्वान
गीत-बातु का बड़ा रंगिला, स्याणियां-मैंसा-नाना
गीत-बातु का बड़ा रंगिला, स्याणियां-मैंसा-नाना
छाना बिलौरी दी दिया बोज्यू, करिया कन्यादान
छाना बिलौरी दी दिया बोज्यू, करिया कन्यादान
छाना बिलौरी दी दिया बोज्यू, नि लागनां हो घाम
छाना बिलौरी दी दिया बोज्यू, नि लागनां हो घाम
कुमुं मुलुक अल्माड़ जिल्ला, छाना बिलौरी ग्राम
कतुक भला लागनि बौज्यु, हरिया भरिया डांना
छाना बिलौरी दी दिया बोज्यू, झन करिया ना-ना
हो छाना बिलौरी भलो मानिंछ नि लांगनो घाम
हो छाना बिलौरी भलो मानिंछ नि लांगनो घाम
छाना बिलौरी कै भलो लांगुं, छाना बिलौरी का ज्वाना
दी दिया बौज्यू छाना बिलोरी, नि लांगना हो घाम
गीत :
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इस गीत का चुनाव व हिन्दी अर्थ हमारे सदस्य और लेखक हेम पंत का है।
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Lyrics of the song “chhaanaa bilauree kai bhalo laangun, chhaanaa bilauree kaa jvaanaa”
chhaanaa bilauree kai bhalo laangun, chhaanaa bilauree kaa jvaanaa
chhaanaa bilauree kai bhalo laangun, chhaanaa bilauree kaa jvaanaa
o dee diyaa baujyoo chhaanaa biloree
o dee diyaa baujyoo chhaanaa biloree, ni laanganaa ho ghaam
jhuTi yo kaile baat kai de chh, khaali karo badanaam
chhaanaa bilauree kai bhalo laangun, chhaanaa bilauree kaa jvaanaa
chhaanaa bilauree kai bhalo laangun, chhaan bilauree kaa jvaanaa
chhaanaa bilauree kai bhalo laangun, chhaan bilauree kaa jvaanaa
chhaanaa bilauree kai bhalo laangun, chhaan bilauree kaa jvaanaa
o ho chhaanaa biloree kaa mains chhai bhalaa
chhaanaa biloree kaa mains chhai bhalaa, bhaal chh naanaa jvaanaa
chhaanaa biloree kaa mains chhai bhalaa, bhaal chh naanaa jvaanaa
bhaal chhain baujyu chaili bvaariyaa, chyaal chhain baujyu baanaa
chhaanaa bilauree dee diyaa bojyoo, chhaanaa bilauree kaa jvaanaa
chhaanaa bilauree dee diyaa bojyoo, kari diyaa kanyaadaan
chhaanaa bilauree dee diyaa bojyoo, kari diyaa kanyaadaan
kuTa_ee daatuli daan di diyaa
kuTa_ee daatuli daan di diyaa – karulon kheti ko kaam
ho jimadaar ki cheli chhu baujyu, kaam ki kai saram
chhaanaa bilauree kai bhalo laangun, chhaan bilauree kaa jvaanaa
chhaanaa bilauree kai bhalo laangun, chhaan bilauree kaa jvaanaa
chhaanaa bilauree kai bhalo laangun, chhaan bilauree kaa jvaanaa
chhaanaa bilauree dee diyaa bojyoo, ni laaganaan ho ghaam
chhaanaa bilauree dee diyaa bojyoo, ni laaganaan ho ghaam
ho rngilaa mainsaa syaanNi chhai bhalaa
rngilaa mainsaa syaanNi chhai bhalaa – buD rngilaa jvaan
geet-baatu kaa bDaa rngilaa, syaaNiyaan-mainsaa-naanaa
geet-baatu kaa bDaa rngilaa, syaaNiyaan-mainsaa-naanaa
chhaanaa bilauree dee diyaa bojyoo, kariyaa kanyaadaan
chhaanaa bilauree dee diyaa bojyoo, kariyaa kanyaadaan
chhaanaa bilauree dee diyaa bojyoo, ni laaganaan ho ghaam
chhaanaa bilauree dee diyaa bojyoo, ni laaganaan ho ghaam
kumun muluk almaaD jillaa, chhaanaa bilauree graam
katuk bhalaa laagani baujyu, hariyaa bhariyaa Daannaa
chhaanaa bilauree dee diyaa bojyoo, jhan kariyaa naa-naa
ho chhaanaa bilauree bhalo maaninchh ni laangano ghaam
ho chhaanaa bilauree bhalo maaninchh ni laangano ghaam
chhaanaa bilauree kai bhalo laangun, chhaanaa bilauree kaa jvaanaa
dee diyaa baujyoo chhaanaa biloree, ni laanganaa ho ghaam
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किसी संस्कृति कर्मी का अपनी संस्कृति के प्रति क्या कर्तव्य और दायित्व होता है, उसे गोपाल दा ने चरितार्थ किया है। आज के संस्कृति कर्मी जिस तरह से पैसे के लिये स्तरहीन होते जा रहे हैं…उन्हें इससे प्रेरणा लेनी चाहिये।
कुमाऊनी पुराने गानो को सुन कर मेरे आखो मे आँसु आ जाते है
भले ही मेरी उम्र 19 साल है लेकिन गाँव मे दादी लोग कहते है की तु तो पुराने जमाने का आदमी है
मदन बिष्ट
चडयूला बेतालघाट नैनीताल
MOB.NO…
……09015778933
I like Baraat Bidai song gopal babu goswami
बहुत मीठा गीत है। इस के लिये धन्यबाद ठैरा।