उत्तराखंड का जन्म
उत्तराखंड का जन्म 9 नवंबर सन 2000 को भारत के सत्ताईसवें राज्य के रूप में उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) नाम से हुआ।इससे पहले यह उत्तर प्रदेश का ही एक भाग था। उत्तराखंड 2 मंडलो गढ़वाल और कुमाऊँ में विभक्त है. उत्तराखंड में वर्तमान में 13 जिले हैं जिनमें से 7 गढ़वाल में – देहरादून , उत्तरकाशी , पौड़ी , टेहरी (अब नई टेहरी) , चमोली , रूद्रप्रयाग, हरिद्वार और 6 कुमाऊँ में-अल्मोड़ा, नैनीताल, पिथौरागढ़, चम्पावत, बागेश्वर और उधम सिंह नगर हैं। यह उत्तर में चीन , हिमाचल प्रदेश , पूर्व में नेपाल , दक्षिण में उत्तर प्रदेश और पश्चिम में हरियाणा व हिमाचल प्रदेश से घिरा हुआ है। इसकी लंबाई पूर्व से पश्चिम की ओर 358 किमी और चौड़ाई उत्तर से दक्षिण की ओर 320 किमी है। यहां 70 विधानसभा सीट , 3 राज्य सभा सीट और 5 लोकसभा सीट हैं। इस आयताकार आक़ृति के राज्य का अस्थायी राजधानी देहरादून है जिसे गैरसैण ले जाने के लिये जनता प्रयत्नशील है।उत्तराखंड का उच्च न्यायालय नैनीताल में है। उत्तराखंड का क्षेत्रफल 53483 वर्ग कि. मी. है और यहां 85 लाख (2001 की जनगणना के अनुसार) जनसंख्या निवास करती है
स्थिति और विस्तार
उत्तराचंल का अक्षांशीय विस्तार 28°43′ N to 31°28′ तक एवं देशांतरीय विस्तार 77°32′ E to 81°02′ E देशांतर तक है।
उत्तराचंल के जिलेः
उत्तराचंल को 13 जिलों में विभक्त किया गया है 7 गढ़वाल में - देहरादून, उत्तरकाशी, पौड़ी, टेहरी (अब नई टेहरी), चमोली, रूद्रप्रयाग और हरिद्वार और 6 कुमाऊँ में अल्मोड़ा, नैनीताल, पिथौरागढ़, चम्पावत, बागेश्वर और उधम सिंह नगर।
उत्तराचंल की प्रमख नदियां
गंगा, यमुना, काली, रामगंगा, भागीरथी, अलकनन्दा, कोसी, गोमती, टौंस, मंदाकिनी, धौली गंगा, गौरीगंगा, पिंडर नयार(पू) पिंडर नयार (प) आदि प्रमुख नदियां हैं।
उत्तराचंल के प्रमुख हिमशिखर
नंदा देवी (7817),कामेत (7756),गंगोत्री (6614),माणा (7273),चौखंवा (7138), त्रिशूल (7120), द्रोणगिरि (7066),पंचाचूली (6905), नंदा कोट (6861), केदारनाथ (6490), बंदरपूछ (6315),नीलकंठ (5696), गोरी पर्वत (6250), हाथी पर्वत (6727), नंदा धुंटी (6309), देव वन (6853), मृगथनी (6855), गुनी (6179), यूंगटागट (6945)।
उत्तराचंल के प्रमुख ग्लेशियर
1. गंगोत्री 2. यमुनोत्री 3. पिण्डर 4. खतलिगं 5. मिलम 6. जौलिंकांग, 7. सुन्दर ढूंगा इत्यादि।
उत्तराचंल की प्रमुख झीलें (ताल)
गौरीकुण्ड, रूपकुण्ड, नंदीकुण्ड, डूयोढ़ी ताल, जराल ताल, शहस्त्रा ताल, मासर ताल, नैनीताल, भीमताल, सात ताल, नौकुचिया ताल, सूखा ताल, श्यामला ताल, सुरपा ताल, गरूड़ी ताल, हरीश ताल, लोखम ताल, पार्वती ताल, तड़ाग ताल (कुंमाऊँ क्षेत्र) इत्यादि।
उत्तराचंल के प्रमुख दर्रे
बरास- 5365मी.,(उत्तरकाशी), माणा- 6608मी. (चमोली), नोती-5300मी. (चमोली), बोल्छाधुरा-5353मी.,(पिथौरागड़), कुरंगी-वुरंगी-5564 मी.( पिथौरागड़), लोवेपुरा-5564मी. (पिथौरागड़), लमप्याधुरा-5553 मी. (पिथौरागड़), लिपुलेश-5129 मी. (पिथौरागड़), उंटाबुरा, थांगला, ट्रेलपास, मलारीपास, रालमपास, सोग चोग ला पुलिग ला, तुनजुनला, मरहीला, चिरीचुन दर्रा।
उत्तराचंल के वन अभ्यारण्य
1. गोविन्द वन जीव विहार 2. केदारनाथ वन्य जीव विहार 3. अस्कोट जीव विहार 4. सोना नदी वन्य जीव विहार 5. विनसर वन्य जीव विहार।




Bhai Shaheb – The 6 Districts in Kumaon -13 of Uttrakhand are( Almora, Nainital, Pithoragarh, Bagheshwar, Champawat & Udham Singh Nagar) – kindly correct this information please. regards
[ धन्यवाद: इसे ठीक कर दिया गया है।]
vidhan sabha mai 70 nahi 71 ka pravdhan hai, 1 seat rajyapal anglo indian ko namit karate hai aur 70 par cunav hota hai, matalab vidhayko ki sankhya 71 hai aur vidhansabha seat 70 hai, agar aap vidhansabha ki sthiti likhai to 70+1 likha jayegaa
pithoragarh me khali “D” nahi “DhX” hai, aur lipulekh darra hai, les nahi