2 responses to “गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’”

  1. विगत २२ अगस्त, २०१० को गिर्दा का निधन हो गया। गिर्दा एक महान व्यक्तित्व थे, एक विचार थे और विचार कभी मरते नहीं हैं। वे हमेशा लोगों के दिलो-दिमाग में जीवित रहते हैं, अपनी महानता के साथ।

    हम सभी को गिर्दा के बताये रास्ते पर चलने का संकल्प लेना होगा, यही गिर्दा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

  2. [...] गिरीश तिवारी ‘गिर्दा’ [...]

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