हे दिल्ली वाळा द्यूरा-हे दिल्ली वाळा

he-dilli-wala-dyuraनरेन्द्र सिंह नेगी जी व मीना राणा द्वारा गाया गया यह सुन्दर गाना 2008 में रिलीज हुई उनकी एलबम “मायाकु मुण्डारो” से है। एक सीधी-सरल ग्रामीण महिला का पति दिल्ली में नौकरी करता है और कई सालों से उसकी कोई सूचना नहीं मिली है। दिल्ली में काम करने वाला एक दूसरा युवक जब गांव में छुट्टी मनाने के लिये आता है तो महिला को एक उम्मीद जगती है कि सम्भवत: उस युवक (देवर) के द्वारा अपने पति का कुछ समाचार मिल जाये। युवक के पास उसके पति की कोई सूचना नहीं है लेकिन वह महिला को यह सांत्वना देता है कि यदि भैजी (महिला का पति) का कोई पता (address) मिल जाये तो सम्भवत: वो उसे ढूंढ निकालेगा।

इस गाने के माध्यम से एक बार फिर नेगी जी ने नौकरी के लिये पहाड़ से महानगरों की तरफ हो रहे पलायन और इस पलायन के फलस्वरूप पहाड़ में अकेली रह गई महिलाओं के कठिन जीवन का मार्मिक चित्रण किया है।

इस गाने के वीडियो को यदि आप ध्यान से देखेंगे तो पायेंगे कि एक दृश्य में जब महिला अपने देवर को बस स्टेशन छोड़ने आती है तो वह भारी भरकम बोझा अपने सिर पर रखकर लेकर आती है। यह इतना भारी है कि इसे जमीन पर उतारने के लिये भी उसे देवर की सहायता लेनी पड़ती है। वहीं देवर एक छोटा बैग आराम से अपने कंधे पर लटकाकर चल रहा है, जबकि यह बैग उसके लिये उतना भारी नहीं है। बाद में वह ब्रीफकेस व बैग दोनों को आराम से उठा पाता है। इसी प्रकार एक दृश्य में वह जब महिला के बैठने के लिये बैत का मोड़ा लाता है तो महिला उस पर बैठने से इनकार करती है और एक लकड़ी के पटले पर बैठती है। यानि एक महिला पुरुष के सामने कैसे ऊंचे स्थान पर बैठ सकती है। यह दृश्य समाज के पुरुष प्रधान दृष्टिकोण को दिखाते है।

video-ka-ek-drisya 2video-ka-ek-drisya 1video-ka-ek-drisyaइस गाने का ऑडियो वीडियो हिमालयन फिल्मस द्वारा निकाला गया है। एलबम है “मायाकु मुण्डारो”, पार्श्व स्वर हैं नरेन्द्र सिंह नेगी जी व मीना राणा के, वीडियो निर्देशक हैं अनिल बिष्ट

ऐसा ही एक गाना “नारंगि की दांणि” पहले भी साइट पर दिया जा चुका है। पहाड़ में महिलाओं की स्थिति पर कुछ अन्य गाने जो आप सुन चुके हैं।

कैले बाजे मुरुली,घुघुती ना बासा आमा की डाई मा, मेरी कमला तो रोये ना, ओ…. सुवा घर ऊंल में चम , प्रीत की कुंगली डोर सी छिन ये..बेटी ब्वारी पहाड़ू की बेटी ब्वारी

भावार्थ - महिला रिश्ते में देवर लगने वाले युवक से कहती है – ए दिल्ली वाले देवर जी क्या आपको दिल्ली में आते-जाते कभी अपने भैजी (बड़े भाई यानि मेरे पति) भी दिखे? युवक जवाब देता है – अरे ठोंड़ी में तिल वाली भाभी जी (दिल्ली इतनी बड़ी है) अगर भैजी का कुछ अता-पता होता तो मैं उन्हें जरूर ढूंढ कर ले आता।

महिला – बहुत साल हो गये, उनका कोई चिटठी या कोई सन्देश नहीं आया। वो जब मुझे छोड़ कर गये थे तब हमारी नयी-नयी शादी हुई थी।

युवक थोड़ा सा मजाक के लहजे में भौजी को कहता है – भैया थोड़ा रसिक मिजाज हैं। मुझे तो शक है कि वहां पर उन्होंने कोई और सुंदरी से आखें चार ना कर ली हो। महिला – हटो ऐसी मजाक मत करो, वो ऐसे नहीं हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरी याद उन्हें जरूर मुझ तक खींच कर ले आयेगी।

अन्त में युवक भाभी को दिलासा देते हुए कहता है – आप ज्यादा चिन्ता न कीजिये एक पंछी भला अपना घोंसला छोड़ कर कहाँ जा सकता है? लगता है भैजी रास्ता भटक गये हैं लेकिन मुझे पूरा यकीन है वो वापस आपके पास ही लौट कर आयेंगे। ऐसे अकेले रो-रो कर भला तुम्हारे दिन कैसे कट पायेंगे?

गीत के बोल देवनागिरी में

हे दिल्ली वाळा द्यूरा-हे दिल्ली वाळा
हे दिल्ली वाळा द्यूरा, तेरा भैजी भी देखिन्दानि त्वै, कबि आन्दा-जान्दा
तेरा भैजी भी देखिन्दानि रे,कबि आन्दा – जान्दा

च्योंठी मां तिळ वाळि भौजि- च्योंठी मां तिळ वाळि
च्योंठी मां तिळ वाळि भौजि, होन्दु क्वी अत्ता-पत्ता भैजी को त – खोजी ल्यान्दा
होन्दु क्वी अत्ता-पत्ता भैजी को त – खोजी ल्यान्दा

हे दिल्ली वाळा द्यूरा, तेरा भैजी भी देखिन्दानि त्वै , कबि आन्दा – जान्दा
तेरा भैजी भी देखिन्दानि रे, कबि आन्दा – जान्दा he-dilli-wala-dyura-1

भंडी बरस ह्वै गिनी औंकी, चिट्ठी पतरि न खबर सार
भंडी बरस ह्वै गिनी औंकी, चिट्ठी पतरि न खबर सार
नयु नयु ब्यो हुयो छौं हमरो, छोड़ी चलि गैनि घरबार

च्योंठी मां तिळ वाळि भौजि, होन्दु क्वी अत्ता – पत्ता भैजी को त-खोजी ल्यान्दा

तेरा भैजी भी देखिन्दानि रे, कबि आन्दा – जान्दा

मैं शक-सुभा हौंणु भौजि, फड़िकिणि छि आंखि मेरि
मैं शक-सुभा हौंणु भौजि, फड़िकिणि छि आंखि मेरि
भैजि मेरो रसिक मिजाज, क्वै बांद न हो तख धैरी

चुप ठट्ठ नि कर भै द्यूरा, सन त नी छन तेरा भैजी
हे दिल्ली वाळा द्यूरा, तेरा भैजी भी देखिन्दानि त्वै , कबि आन्दा – जान्दा
तेरा भैजी भी देखिन्दानि रे, कबि आन्दा – जान्दा

Maya Ku Mundaro - Cover

Maya Ku Mundaro – Coverछौं आस में कबि त ल्यालि, मेरि खुद तौं खैंची – खैंची

फिकर नि कर ओ पन्छी, कख जालो घोल छोड़ी ?
फिकर नि कर ओ पन्छी, कख जालो घोल छोड़ी ?
बाटो बिरड़्यु च भैजी, ऐ जालो त्वैमां बोड़ी
च्योंठी मां तिल वाळि बौजी, काटे नि तिन भि दिन-यखुलि रुन्दा-रुन्दा

हे दिल्ली वाळा द्यूरा- हे दिल्ली वाळा, हे दिल्ली वाळा द्यूरा
काटे नि तिन भि दिन- यखुलि रुन्दा – रुन्दा
काटे नि तिन भि दिन- यखुलि रुन्दा – रुन्दा
काटे नि तिन भि दिन- यखुलि रुन्दा – रुन्दा
काटे नि तिन भि दिन- यखुलि रुन्दा – रुन्दा
काटे नि तिन भि दिन- यखुलि रुन्दा – रुन्दा

गीत :

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इस गीत का चुनाव व हिन्दी अर्थ हमारे सदस्य और लेखक हेम पंत का है।

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Lyrics of the song “He Dilli wala dyura – He Dilli wala , He Dilli wala“

He Dilli wala dyura – He Dilli wala , He Dilli wala
dyura, tera bhaiji bhi dekhindani re, kabhi aanda-jaanda
Tera bhaiji bhi dekhindani re, kabhi aanda-jaanda

Chyoti ma til wali bhauji – Chyoti ma til wali, Chyoti ma til wali
bhauji, hondu kvi atta-patta bhaiji ko ta – khoji lyanda
Hondu kvi atta-patta bhaiji ko ta- khoji lyanda

He Dilli wala dyura, tera bhaiji bhi dekhindani tvai, kabhi aanda-jaanda
Tera bhaiji bhi dekhindani tvai, kabhi aanda-jaanda

Bhandi baras hvai gaini auki, chitthi patari na khabar saar
Bhandi baras hvai gaini auki, chitthi patari na khabar saar
Nayu nayu byo huyo chhau hamaro, chhodi chali gaini gharbaar

Chyoti ma til wali bhauji, hondu kvi atta-patta bhaiji ko ta- khoji lyanda

Tera bhaiji bhi dekhindani re, kabhi aanda-jaanda

Main sakk suba haunu bhauji, phadikini chhi aankhi meri
Main sakk suba haunu bhauji, phadikini chhi aankhi meri
Bhaiji mero rasik mijaj, kvai baand na ho takh dhairi

Hat thathth ni kar bhai dyura, san ta nee chhan tera bhaiji
Chhau aas me kabi ta lyaali, meri khud tau khaichi-khaichi

He Dilli wala dyura, tera bhaiji bhi dekhindani re, kabhi aanda-jaanda
Tera bhaiji bhi dekhindani re, kabhi aanda-jaanda

Fikar ni kar o panchhi, kakh jaalo ghol chhodi
Fikar ni kar o panchhi, kakh jaalo ghol chhodi
Baato biradyu cha bhaiji, ai jaalo tvaima baudi
Chyoti ma til vaali bauji, kaate ni tin bhi din – yakhuli runda-runda

He Dilli wala dyura – he Dilli wala
Kaate ni tin bhi din – yakhuli runda-runda
kaate ni tin bhi din – yakhuli runda-runda
Kaate ni tin bhi din – yakhuli runda-runda
kaate ni tin bhi din – yakhuli runda-runda
kaate ni tin bhi din – yakhuli runda-runda

You can get many such songs in our forum and download Kumaoni/Garhwali songs through the links provided there.

Album : Maya Ku Mundaro, Director: Anil Bisht, Audio-Video : Himalayan Films

Disclaimer : These songs are only to promote Uttarakhandi Music. If you like these then please buy original Cd/Cassettes and help Uttarakhandi Music.

He Dilli Wala Dyura

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6 responses to “हे दिल्ली वाळा द्यूरा-हे दिल्ली वाळा”

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    its very terrible to leave our family mebers and relatives in village for earn some rupees in metro cities for tackle many requirements of our family maintain our status in society etc. If there may availble any source of income in our Pahad nobody will come to metro cities for earning some rupees.

  2. avatar

    nic n

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    kya baat hai….bhoji………………..

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    salute to gopal babu for his contribution to kamoun

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    maarmik….
    waah Negi Ji…

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    negi ji aapka y song kitna kuch shikhata hai eshme kitni sahchay hai mai yah gana kam se kam 1000 bar sun chuka hu aap k jo bhi song hai un m sachay jarur hoti hai tabhi aapk jitne bhi song hai koi bhi esha song nahi hai
    jo mai nahi sunta hu mai aapko ek baat kahna chahunga ki ager aapne maya ko mundaro pe ek films banai hoti to sayd or kahi jayada y hit ho jati kyouki jitni sachai pahadoki ki hai use hame jarur parde pe dikhana chaye maine jab y gana suna to mere aakho mai aasu aa gai kitna dhuk jhalti hai hamare pahad ki orte aadmi hamare sedhe sade pahad ki orto ko kuch samjte hi nahi v barso se entejar karti hai logo se puchti hai kikabhi aapne aate jate dekha kya kya baat hai sir aapki barabari sayad kabhi koi nahi kar sakega maine es gane pe eski puri kahani lik dahi hai ager chaho to ek puri films bana de jo sayad bahout kuch saikhayega hamare pahad k logo ko plase contcat me…….

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