प्रबंधक

उत्तराखंड से संबंधित समस्त जानकारी इंटरनैट पर लाने का संकल्प लिये एक अदना सा व्यक्ति। अपने फोरम और मेरा पहाड़ के साथ प्रयासरत।

One response to “माछी पाणी सी ज्यू तेरु मेरु”

  1. दादू मेरी उल्यारू जिकुडी, दादू मि पर्वतु कु वासी.
    दादू मेरी सोंजन्या चिकाफु, दादू मेरी गेल्या ची हिलांशी.
    छायो मि बांज को पियारो, छायो मि माजी को लाडूलो.
    छा मेरा गला कु होंसलू, दादू रे भोजी कु बिन्दलो

    HEM JI HO SAKE TO IS PURE GANE KO BHI YAHA ISKE ARHT K SAHT POST KARNE KI KIRPA KARI .

    DHANYAWAD…….

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