भवानी दत्त खर्कवाल
असम-मेघालय के तीन जिलों में पुलिस अधीक्षक, दो रेंजों में डी.आई.जी., 1984 में आई.जी. पद में प्रोन्नत। लगभग 13 वर्षों तक केन्द्रीय सरकार में गृह मंत्रालय व कैबिनेट सेक्रेटेरियट में प्रतिनियुक्ति में कार्य किया। असम राज्य मेमं डाइरेक्टर जनरल रहे। 1973 में सेवा निवृत्त। युवाओं के नाम संदेशः प्रदेश व देश के सर्वांगीण उन्नति के लिये समर्पित रहें। आत्म संयम व कठिन परिश्रम का विकल्प नहीं है।
रघुवर दत्त जोशी
अनेक सरकारी पदों पर रहने के बाद वर्तमान में डायरेक्टर जनरल ऑव इन्वेस्टिगेशन एण्ड रजिस्ट्रेशन, भारत सरकार में कार्यरत हूँ। युवाओं के नाम संदेशः ऊँचा लक्ष्य रखें, महत्वाकांक्षी बनें, अपने में विश्वास रखें और हर कठिन काम को करने के लिए तैयार रहें।
नलिनीधर जयाल
1948-54, भारतीय वायु सेना; 1954-60, भारतीय सीमान्त प्रशासनिक सेवा; 1960-1985, भारतीय प्रशासनिक सेवा; 1985 से अब तक, संयोजक, हिमालय ट्रस्ट; 1987-96, प्रमुख, नेचुरल हैरिटेज विंग, इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एण्ड कल्चरल हैरिटेज (इन्टैक)।1980-83, संयुक्त सचिव, पर्यावरण विभाग, भारत सरकार|1983-1985, सलाहकार, योजना आयोग, भारत सरकार|सदस्य, भारतीय पर्वतारोहण फाउण्डेशन|पर्यावरण संरक्षण की अनेक अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के पदाधिकारी व इसके लिए यात्राएं कीं। पर्यावरण पर अनेक लेख व कुछ पुस्तकें लिखी।
हरीश चन्द्र जयाल
अनेक मंत्रालयों में निष्ठा तथा ईमानदारी से महत्वपूर्ण कार्यों में सक्रिय भागीदारी। वर्तमान में वाणिज्य मंत्रालय में निदेशक के पद पर कार्यरत। उत्तरांचल की जनता से विशेष लगाव। उत्तरांचल के विकास से सम्बंधित कार्यों में निरंतर सहयोग। उत्तरायणी संस्था के संस्थापक सदस्य तथा इसके माध्यम से उत्तरांचल के विकास के लिए सदैव प्रयत्नशील।
युवाओं के नाम संदेशः युवावर्ग समझे कि उत्तरांचल में विकास की बहुत सम्भावनाएं हैं और वे अपनी कड़ी मेहनत व आत्मविश्वास से उत्तरांचल को एक बहुत ही प्रगतिशील व उन्नत राज्य में बदल दें।






