मोती सिंह नेगी
1952 में झांसी जेल में देश के बड़े नेताओं और संग्रामियों के साथ 6 माह रहने का अवसर मिला। बाद में गाँव वापस लौटने पर सामाजिक कार्यों में संलग्न हो गया। अपने क्षेत्र में प्राइमरी पाठशाला, जूनियर हाईस्कूल, बिनसर महादेव मंदिर और सड़कें बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज भी रामनगर में एक धर्मशाला के निर्माण में सक्रिय।
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