माठु माठु हिट जरा हौले हौले चल तू
गोपाल बाबू गोस्वामी जी ने तरह तरह के गाने गाये हैं। जिनमे विरह गीत, प्रेम-गीत, भजन, प्रकृति गीत आदि आप पहले सुन चुके हैं। आज हम आपके सामने एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं जो हास्य का पुट लिये हुए है। इस गीत में एक साठ साल के वृद्ध मगर दिल के जवान व्यक्ति की [...]
हो…..जय मैया, जय मैया, जै जै मैया
उत्तराखंड के स्वर सागर, श्री गोपाल बाबू गोस्वामी जी ने यह बहुत ही प्यारा भजन गाया है। ऐसा ही एक भजन “जै मैय्या दुर्गा भवानी, जै मैय्या..” आप पहले भी सुन चुके है। भावार्थ : हे माँ तू ही काली है तू ही खप्पर वाली है, तू ही है दुर्गा का अवतार,लाखो मठ मंदिर है [...]
पी जाओ म्यॉर पहाड़ को ठंडो पानी
गोपाल बाबू गोस्वामी द्वारा गाया गाना “पी जाओ, पी जाओ, म्यॉर पहाड़ को ठंडो पाणी” लोगों को अपने पहाड़ की याद दिलाता है। पहाड़ का प्राकृतिक वातावरण होता ही इतना सुन्दर है कि पहाड़ लोगों की स्मृतियों में हमेशा ज़िन्दा रहता है। पहाड़ के लोग पहाड़ में शहर को खोजते हैं और एक बार शहर [...]
छाना बिलौरी कै भलो लांगुं, छाना बिलौरी का ज्वाना
कुमाऊंनी भाषा का एक बहुत पुराना लोकगीत है – “छाना बिलौरी झन दिया बौज्यू, लागनि बिलोरिक घाम“। इस गाने में एक युवती अपने पिता से मनुहार करती है कि उसकी शादी छाना बिलौरी नामक गांव/इलाके में न की जाये क्योंकि वहाँ अनेक प्रकार के कष्ट है और सबसे मुश्किल बात यह है कि तेज धूप [...]
हाय तेरो मिजाता,मिजाता लुकुड़ छन
आपने गोपाल बाबू गोस्वामी के गाये ओ परुवा बौज्यू चपल के ल्याछा यस या फिर पतई कमर तिरछी नजर गाने सुने ही हैं, जिसमें एक स्त्री के रूप के साथ उसके फैशन के बारे में भी बात की गयी थी। आज जो गाना आप सुनने जा रहे हैं उसमें एक पति अपनी पत्नी के शानो-शौकत [...]
मेरी कमला तो रोये ना, ओ…. सुवा घर ऊंल में चम
उत्तराखंड के पुरुषों का रोजी-रोटी के लिये पहाड़ को छोड़ना और सेना में भर्ती होना एक आम बात है। पति के सेना में होने से उसकी पत्नी पर क्या बीतती है इस पर हमने गोपाल बाबू गोस्वामी द्वारा गाये गीतों कैले बाजे मुरुली, घुघुती ना बासा जैसे गीतों के द्वारा चर्चा की थी। आज हम [...]
म्यर घर छो रंगीलो, घरवाली रंगीली
गोपाल बाबू गोस्वामी ने अनेक विषयों पर आधारित गीत गाये। आज प्रस्तुत है परिवार नियोजन पर गाया हुआ उनका एक गीत, जिसमें उन्होने यह बताने की कोशिश की है एक छोटा-परिवार किस तरह से सुखी व सम्पन्न है। इस तरह की थीम पर आधारित गाने बहुत कम ही देखने को मिलते हैं लेकिन गोपाल दा [...]


