ठण्डो रे ठण्डो, मेरा पहाड़ै की हव्वा ठण्डी – पाणि ठण्डो
पहाड़ और ठण्ड – दोनों शब्द एक दूसरे के पूरक लगते हैं। पहाड़ शब्द सुनते ही ऐसा लगता है जैसे कहीं दूर से आती हुई किसी ठण्डे, निर्मल हवा के झौंके ने दिल-दिमाग को ठण्डा कर दिया हो। पहाड़ से जुडे इसी शीतलता के अहसास को नरेन्द्र नेगी जी ने इस बेहद सुन्दर गाने में [...]
ज्यू त यन बौनूं च आज नाच नाचि की
नरेन्द्र सिंह नेगी जी और अनुराधा निराला जी की आवाज में यह प्रसिद्ध युगल गीत प्रस्तुत है। प्रेमी-प्रेमिका के लम्बे बिछोह के बाद मिलने पर उनके हृदय की प्रसन्नता, एक दूसरे के निकट रहने की चाह और समर्पण की भावना को दर्शाता यह गाना नेगी जी के कई अन्य गानों की तरह बहुत पुराना और [...]
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