8 responses to “रोग पुराणु कटे ज़िन्दगी नई ह्वैगे, तेरु मुल – मुल हैंसुणु दवाई ह्वैगे”

  1. dhanyawad hem bhai….

  2. वास्तव मे हेम जी के मुल मुल हसने से मेरी बीमारी ठिक हो गई है.

    बहुत अच्छा

  3. बहुत अच्छा लगा नेगी जी की आवाज व हाव भाव देख कर.

  4. मगर जो भी बीती हो तब के उन प्रेमीयो पर,मगर आज के इन प्रेमीयो पर नोटो की ही बीतती नजर आ रही है।

  5. Negi ji an great personality for our Uttarakhand.

  6. bahut aacha song ha ji kiya baat negi ji ke to sare hi gane sahi lagte ha

  7. Narender singh negi is the garhwal rafi.

  8. हे प्रिये तुझे मिलने से मेरे पुराने रोग दूर हो गये और मुझे जैसे नई ज़िन्दगी मिल गयी है, तेरा मन्द मन्द मुस्कुराना तो जैसे मेरे लिये दवाई बन गया।

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