प्रबंधक

उत्तराखंड से संबंधित समस्त जानकारी इंटरनैट पर लाने का संकल्प लिये एक अदना सा व्यक्ति। अपने फोरम और मेरा पहाड़ के साथ प्रयासरत।

8 responses to “तुम भी सूणां मिन सुणियाली, गढ़वाल ना कुमौं जालि”

  1. it sound ossummmmmmmmmmmm

  2. पता नहीं भाई ये हमारी लडाई और कब तक लगी रहेगी…
    हेम भाई बहुत-बहुत धन्यवाद् और अपने नरेन्द्र सिंह नेगी जी के लिए भी धन्यवाद्
    अभी तक केवल उत्तराखंड के लोगो ने सुना था अब सारी दुनिया सुनेगी की उत्तराखंड अपनी राजधानी कहाँ चाहती है….

  3. पिछले दिनों इन्टरनेट पर चलाये गये अभियान के द्वारा हम गैरसैण राजधानी के समर्थन में विश्व के सैकड़ों प्रवासियों को जोड़ने में सफल रहे. हमें उम्मीद है कि उत्तराखण्ड की जनता भी गैरसैंण राजधानी की जरूरत को समझेगी और कुशल नेतृत्व मिलने पर एक धुआंधार आन्दोलन उठेगा और गैरसैंण राजधानी बन कर रहेगी…

    जै गोलू देवता, जै बदरी-केदार
    गैरसैंण में बैठेगी, उत्तराखण्ड सरकार

  4. तुम ले सोचो, मिले सोचहालि,
    राजधानी त गैरसैंणे जालि,
    चाहे क्वे पार्टी न हो ये हक्क मां,
    हम पुजोलां गैरसैंण एक धक्क मां,
    धक्क हम लगाते रुंल, जागर हम लगाते रुंल,
    ठाणि हालि त ठाणि हालि,
    लड़ैं हमरि लागि रालि,
    आज नै त भोल राजधानी हम गैरसैंण जरुर पुजोंल।
    बस्स तू……….मुट्ठी बिटिक रख………।

  5. I am Pushkar Gariya belong from Gwaldam, Distt.Chamoli, Uttrankhand. I have seen website of uttrakhand, regarding purposal of capital of uttranchal in garshan. As per my view the same is correct but it’s not east possiable, when capital will be made in garsan then chance to more development of hill. It is possible as we can compre capital of shimla the same around 100 km from plan area & there are also facility of train as very diffucult way across 108 surange. We all are with your team

    Pushkar Gariya
    Haryana
    09873001466

  6. Hi i am Ramchander singh Rana from tehari desst. though i have no objection on Garsan but i think
    Idea of capital change is like design of mohmmad-bin-tuglak .

    Ramchander Singh Rana
    Dakshin puri New Delhi

  7. gairsen gi uttrakhand rajdhani banano.chahe ye liji ke le karan padol….hum sub eakath houl or phir ye liji or awaj uthan parel

  8. पिछले साल की तरह ही इस साल भी 29 अगस्त 2010 को “क्रिएटिव उत्तराखण्ड- म्यर पहाड़” और “म्यर उत्तराखण्ड” के साथी दिल्ली-गैरसैंण यात्रा का आयोजन कर रहे हैं. गैरसैंण पहुंचकर सभी लोग “गैरसैंण को उत्तराखण्ड की राजधानी” बनाने का अपना संकल्प दोहरायेंगे और आए की रणनीति पर चर्चा की जायेगी…

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