त्यारा रूप कि झौल मां, नौंणी सी ज्यू म्यारु

basant-aige-coverनरेन्द्र सिंह नेगी जी एक गायक व संगीतकार होने के साथ-साथ एक बहुत अच्छे कवि भी हैं। यह उनके द्वारा लिखे गये गीतों में स्पष्ट दिखता भी है। आज हम उनका एक ऐसा ही गीत प्रस्तुत कर रहे हैं जिसके बोल किसी भी सुनने वाले को भाव-विभोर कर देंगे। “त्यारा रूप कि झौल मां, नौंणी सी ज्यू म्यारु” उनका एक बहुत मशहूर गाना है। इस गाने के बोलों पर आप ध्यान देंगे तो आपको इस गाने में एक सुन्दर कविता का रस भी मिलेगा। प्रेमी अपनी प्रेमिका की खूबसूरती और उसके प्रति अपना प्यार जताने के लिये कई उपमा देते हैं लेकिन इस गाने में यह प्रेमी कह रहा है – “तेरे रूप की तपिश में मेरा मक्खन जैसा हृदय पिघल रहा है” । अब भला ऐसे दिल छू लेने वाले शब्दों को सुन कर कोई प्रेमिका प्रभावित हुए बिना कैसे रह सकती है?

यह गाना दो रूपों में मिलता है। एक कैसेट संस्करण व एक वी.सी.डी. संस्करण। दोनों संस्करणों के बोल एक से ही हैं लेकिन संगीत में काफी अंतर है। पुराने संस्करण में जहाँ पारंपरिक वाद्य सुनने को मिलते हैं वहीं नये संस्करण में नये जमाने का संगीत व वाद्य हैं। यहाँ पर  हम दोनों संस्करणों को प्रस्तुत कर रहे हैं।

इस गानी की वी.सी.डी. को रामा कैसेट्स से निकाला गया है। इसका एलबम है “बसंत ऐगे” वी.सी.डी. के निर्देशक है श्री अनिल बिष्ट और इस गाने में कलाकार की भूमिका में हैं पन्नू गुसांई व रुचिका कुकरेती।

भावार्थ : हे प्रिये! तेरे इस सुन्दर रूप की आंच से मेरा मक्खन जैसा कोमल हृदय, जल गया है, पिघल रहा है। प्रिये…तुम इस तरह से ना हँसो कि तुम्हारे सुन्दर दांत दिखने लगें और कोई भंवरा इन्हें फूल समझ कर बैठ जाय और इनकी सुन्दरता बिगाड़ दे। देखो अब बेचार बुरांश का फूल भी तुम्हारा रंग-रूप देखकर खिल भी गया और गल भी गया।

कहाँ से लेकर आई तुम ये सुन्दर घुघुती पक्षी जैसी सुघड़ गर्दन और यह बिना बोले ही बहुत कुछ कह देने वाली आंखें तुमने कहाँ से ढूंढी? तुम्हारी इन आंखों में दिख रही घबराहट ने तुम्हारे दिल के सभी राज खोल कर सबको बोल दिये हैं।

हे प्रिये! तुम ईश्वर की तरह अप्रतिम सुन्दर हो किंतु तुम्हारा हृदय मनुष्यों की तरह है, सब तुम्हारे इस रूप को निहारते हैं, तुम्हारी सुन्दरता देखकर तो आंगन की यह धूप भी अब ढलकर जाने लगी है।

ऐसे ही किसी व्यक्ति से कोई प्यार नहीं करने लगता आखिर गंदले पानी में तो परछाई नहीं दिखती। तुम्हारे मन के भीतर किसकी तस्वीर छिपी है अब मैने यह जान लिया है, उसे पहचान भी लिया है।

गीत के बोल देवनागिरी में

त्यारा रूप कि झौळमां, नौंणि सि ज्यू म्यारु
गौळि भि ग्याई, जौळि भि ग्याई, गौळि भि ग्याई लो जौळि भि ग्याई
त्यारा रूप कि झौळमा, नौंणि सि ज्यू म्यारु
गौळि भि ग्याई, जौळि भि ग्याई, गौळि भि ग्याई लो जौळि भि ग्याई

ना हैंस ना हैंस, दंतुड़ि दग्येली, भौंरु ना बैठुं, उंठुंड़ि ढकेली
ना हैंस ना हैंस, दंतुड़ि दग्येली, भौंरु ना बैठुं, उंठुंड़ि ढकेली
रंग देखीकि त्यारुsssssss हो हो हो हो हो
रंग देखीकि त्यारु, बुरांस बिचारु खौळ्ये भी
खौळ्ये भी ग्याई, बौळ्ये भी ग्याई, खौलै भी ग्याई लो गौले भी ग्याई

कख बटि लैई स्य घुघती सि सांखी, कख पाई होली सि छुंयाल आंखि
कख बटि लैई स्य घुघती सि सांखी, कख पाई होली सि छुंयाल आंखि
तौं आँख्यूँको रगर्याटssssssss हो हो हो हो हो
तौं आँख्यूँको रगर्याट, त्यारा मन की बात- खोलि भी
खोलि भी ग्याई, बोलि भी ग्याई, खोलि भी ग्याई लो बोलि भी ग्याई
त्यारा रूप कि झौळमा, नौंणि सि ज्यू म्यारु,
गौळि भि ग्याई, जौळि भि ग्याई, गौळि भि ग्याई लो जौळि भि ग्याई

द्यब्तौं की टक्क त्वैंमां, मनख्यौं कु ज्यूं चा, मुखड़िका सासा चकोर लग्यूं चा
द्यब्तौं की टक्क त्वैंमां, मनख्यौं कु ज्यूं चा तेरि मुखड़िका सासा चकोर लग्यूं चा
त्वै देखी हे राम!ssssss हो हो हो हो हो
त्वै देखी हे राम! स्यु ब्यखुनी को घाम- स्येळ्ये भि
स्येळ्ये भि ग्याई अछ्ल्ये भी ग्याई, स्येळ्ये भि ग्याई लो अछ्ल्ये भी ग्याई

जै कैमा क्वी सुद्दी माया नि लाँद, कौज्याल पाणिमा छाया नि आंद
जै कैमा क्वी सुद्दी माया नि लाँद, कौज्याल पाणिमा छाया नि आंद
त्यारा छाळा मन बीचsssssss हो हो हो हो हो
त्यारा छाळा मन बीच तस्वीर कैकी- जाणि भी
जाणि भी हालि, पछ्याणि भी हालि, जाणि भी हालि, पछ्याणि भी हालि
त्यारा रूप कि झौळमा, नौंणि सि ज्यू म्यारु
गौळि भि ग्याई, जौळि भि ग्याई, गौळि भि ग्याई लो जौळि भि ग्याई
गौळि भि ग्याई, जौळि भि ग्याई

गीत ( पुराना संस्करण ) :

Audio clip: Adobe Flash Player (version 9 or above) is required to play this audio clip. Download the latest version here. You also need to have JavaScript enabled in your browser.

गीत ( नया संस्करण ) :

Audio clip: Adobe Flash Player (version 9 or above) is required to play this audio clip. Download the latest version here. You also need to have JavaScript enabled in your browser.

इस गीत का चुनाव व हिन्दी अर्थ हमारे सदस्य और लेखक हेम पंत का है।

अपना उत्तराखंड में उत्तराखंड से संबंधित गीत केवल उत्तराखंड के संगीत को बढ़ावा देने के लिये हैं। यदि आपको यह पसंद आयें तो निवेदन है कि बाजार से इन्हे सीडी या कैसेट के रूप में खरीद कर उत्तराखंडी संगीत को बढ़ावा दें। हम यथा-संभव सीडी या कैसेट की जानकारी देने का प्रयास करते हैं। यदि आपको इससे संबंधित जानकारी हो तो क़ृपया टिप्पणी में बतायें।

Lyrics of the song “Tyara Roop Ki Jhaul Ma, Nauni se Jyu Mya”

tyara roop ki jhaul man, naunni si jyoo myaru
gauli bhi gyaee, jauli bhi gyaee, gauli bhi gyaee lo jauli bhi gyaee
tyara roop ki jhaul man, naunni si jyoo myaru
gauli bhi gyaee, jauli bhi gyaee, gauli bhi gyaee lo jauli bhi gyaee

na hains na hains, dantuli dageli, bhaunru na baithun, unthundi dakheli
na hains na hains, dantuli dageli, bhaunru na baithun, unthundi dakheli
rang dekhi ki tyarusssssss ho ho ho ho ho
rang dekhi ki tyaru, burans bicharu-khaule bhi
khaule bhi gyaee, gaulai bhi gyaee, khaulai bhi gyaee lo gaule bhi gyaee

kakh bati laiee sya ghughati si sankhi, kakh paee holi si chhunyal aankhi
kakh bati laiee sya ghughati si sankhi, kakh paee holi si chhunyal aankhi
taun aakhyoon ku ragaryatassssssss ho ho ho ho ho
taun aakhyoon ku ragaryat, tyara man kee bat- kholi bhi
kholi bhi gyaee, boli bhi gyaee, kholi bhi gyaee lo boli bhi gyaee
tyara roop ki jhaul man, naunni si jyoo myaru,
gauli bhi gyaee, jauli bhi gyaee, gauli bhi gyaee lo jauli bhi gyaee

devataun kee tak tvainman, manakhyaun ku jyoon cha, mukhadi ka sara chakor lagyoon cha
devataun kee tak tvainman, manakhyaun ku jyoon cha teri mukhadi ka sara chakor lagyoon cha
tvai dekhi he ram!ssssss ho ho ho ho ho
tvai dekhi he ram! syu byakhuli ko gham- saili bhi
saili bhi gyaee achalai bhi gyaee, saili bhi gyaee lo achalai bhi gyaee

jai kai man kvi sudhi-maya ni land, kaujyal pani man chhaya ni aand
jai kai man kvi sudhi-maya ni land, kaujyal pani man chhaya ni aand
tyara chhala man bichasssssss ho ho ho ho ho
tyara chhala man bich tasvir kaikee- jani bhi
jani bhi hali, pachhyani bhi hali, jani bhi hali, pachhyani bhi hali
tyara roop ki jhaul man, naunni si jyoo myaru
gauli bhi gyaee, jauli bhi gyaee, gauli bhi gyaee lo jauli bhi gyaee
gauli bhi gyaee, jauli bhi gyaee

You can get many such songs in our forum and download Kumaoni/Garhwali songs through the links provided there.

Album : Basant Aigey, Director: Anil Bisht, Audio-Video : Rama Cassettes

Disclaimer : These songs are only to promote Uttarakhandi Music. If you like these then please buy original Cd/Cassettes and help Uttarakhandi Music.

Tyara Roop Ki Jhaul Ma

One response to “त्यारा रूप कि झौल मां, नौंणी सी ज्यू म्यारु”

  1. avatar

    Very good ji

Leave a Reply

%d bloggers like this: